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पीजीआई से रक्तदान को तैयार युवक मायूस लौटे
रोहतक। रक्तका एक-एक बूंद कितनी कीमती है, जरूरत पर मिलने से किसे की जान भी जा सकती है। वहीं युवा रक्तदान करने के लिए तैयार बैठे, लेकिन पीजीआई में रक्त को स्टोर करने की व्यवस्था होने के कारण युवाओं को मायूस लौटना पड़ना। मौका था तक्षशिला इंस्टीट्यूट में शहीद-ए-भगत सिंह के 108 वें जन्मदिवस पर रक्तदान शिविर का।
शिविर में रक्तदान के लिए सुबह से इंस्टीट्यूट के छात्र-छात्राएं उत्साहित थे, लेकिन सिर्फ 105 छात्रों को ही रक्तदान कर का मौका मिला। इंस्टीट्यूट की डायरेक्टर ज्योति सिवाच ने बताया कि शिविर में और भी छात्र-छात्राएं मौजूद रक्तदान करने के लिए मौजूद थी, लेकिन शिविर में मौजूद पीजीआई के डॉक्टरों ने कहा कि उनके पास इसे स्टोर करने की जगह नहीं है। पसंस्थान के प्रेसीडेंट ने छात्रों से कहा कि देश में हर दो मिनट में किसी किसी को खून को आवश्यकता होती है। इस लिए रक्तदान हर नागरिक की जिम्मेदारी है।