तीसरे दिन हुई मां चंद्रघंटा की आराधना
रोहतक माताचंद्रघंटा का यह तीसरा स्वरूप ऐसी विनाशकारी शक्तियों को माता दरवाजा स्थित संकट मोचन मंदिर गुरुमां गायत्री की छत्रछाया में नवरात्र के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा भक्तों ने की। यह जानकारी सचिव गुलशन भाटिया ने दी। उन्होंने कहा कि मां का तीसरा रूप चंद्र घंटा देवी का उग्र रूप है। इनके घंटे की ध्वनि सुनकर विनाशकारी शक्तियां तत्पश्चात पलायन कर जाती हैं व्याघ्र पर विराजमान मां चंद्रघंटा सैदव भक्तों की रक्षा करती है और दुष्टों का विनाश करती हैं। गुरुमां गायत्री ने भक्तों को बताया कि जो भक्त सच्चे मन से मां की पूजा करता है उसके जीवन में कभी कोई कष्ट या मुसीबत नहीं आती है, मां उसे स्वयं हर लेती है। उन्होंने कहा कि इंसान को अगर भागना है तो प्रभु नाम के लिए भागे। फिर देखे कि वह भवसागर पार कैसे पार कर जाएगा।