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एमडीयू में अब लॉ की फर्जी उत्तरपुस्तिका मिली, हड़कंप

7 वर्ष पहले
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एमडीयूमें 2013 में बीटेक की उत्तरपुस्तिका घोटाले का अभी निपटारा नहीं हो पाया है कि अब एक नया फर्जी उत्तरपुस्तिका का मामला सामने आया है। विवि की गोपनीय शाखा से अधूरी जांची उत्तरपुस्तिका को दोबारा जांच के लिए मूल्यांकनकर्ता के पास भेजने पर खुलासा हुआ कि उत्तरपुस्तिका को पहले ही किसी अन्य मूल्यांकनकर्ता ने जांचा है, जबकि उत्तरपुस्तिका में काफी खामियां मिली हैं।

उधर, परीक्षा नियंत्रक ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की बात कह रहे हैं। हुआ यूं कि 5 दिसंबर 2014 को एमडीयू की गोपनीय शाखा की ओर से भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय (बीपीएसएमवी) के लॉ विभाग के अध्यक्ष डॉ. विमल जोशी को पत्र लिखा गया कि आपके पास मात्र एक लॉ विषय की उत्तरपुस्तिका भेजी जा रही है, जोकि पहले भी आपके ही सेंटर में चेक की गई है। इस उत्तरपुस्तिका में पेज नंबर 25 से 36 तक प्रश्नों के उत्तरों को जांचा ही नहीं गया है। ऐसे में अधूरी जांची उत्तरपुस्तिका को दोबारा से पूरा जांचकर भेजा जाए, ताकि मूल्यांकन से पूरा परीक्षा परिणाम दिया जा सके। इस पर डॉ. जोशी ने उत्तरपुस्तिका के मूल्यांकनकर्ता लॉ विभाग के ही सहायक प्रोफेसर डॉ. पवन कुमार को बुलाकर कॉपी दोबारा जांचने के निर्देश दिए। जैसे ही डॉ. पवन कुमार ने उत्तरपुस्तिका के अधूरे जांचे जाने की बात सुनी तो उन्हें हैरानी हुई कि उनकी ओर से कभी किसी उत्तरपुस्तिका को अधूरा जांचा ही नहीं गया। बाद में पूरी उत्तरपुस्तिका को पलटकर देखा तो डॉ. पवन ने पाया कि तो मूल्यांकनकर्ता के स्थान पर उनके हस्ताक्षर हैं और हीं उत्तरपुस्तिका पर छात्र के अंगूठे के निशान। ऐसे में उत्तरपुस्तिका असली नहीं लग रही। इसलिए इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की जाए।

^अधूरी जांची हुई उत्तरपुस्तिका का मामला संज्ञान में आया है। इस मामले में पत्र भी मिला है। इस प्रकरण की जांच की जाएगी और जो भी दोषी होगा उसे बख्शा नहीं जाएगा। -डॉ. बीएस सिंधु, परीक्षानियंत्रक, एमडीयू।

पहले हुए घोटाले की जांच पूरी नहीं

2008-09मेंएमडीयू में पीजीआई की एमडी/एमएस परीक्षा में बच्चों के फेल होने के मामले में गोलमाल मिला। इसके लिए प्रदर्शन और जांच करवाई गई, लेकिन अचानक जांच बंद कर दी गई तो दोषियों को सजा नहीं मिल सकी। कार्रवाई अटकी हुई है।

अप्रैल२०१२ मेंछात्र कमल सिंह ने विधि विभाग से फाइनल इयर की परीक्षा दी, जिसका सितंबर २