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दोनों बहनों के खिलाफ एफआईआर की मांग

7 वर्ष पहले
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चलतीबस में दो बहनों से कथित छेड़छाड़ मारपीट के मामले में उस समय नया मोड़ गया, जब दो सप्ताह बाद मामले का अभियुक्त कुलदीप अपने पिता बलबीर सिंह ग्रामीणों के साथ बुधवार शाम को एसपी कार्यालय पहुंचा और लड़कियों के खिलाफ मारपीट जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज करने की मांग की।

एसपी को दी शिकायत में कुलदीप ने कहा है कि सिसाना गांव की एक बुजुर्ग महिला ने उसे टिकट लाने के लिए कहा था। वह टिकट लेकर आया तो उस नंबर पर आरती पूजा बैठी मिली। जब महिला ने लड़कियों को सीट देने के लिए कहा तो उन्होंने कहा कि पहले हमारी सीट नंबर लेकर आओ। महिला ने कहा कि वह बीमार है। इस पर कुलदीप ने लड़कियों को कहा कि आंटी को सीट पर बैठने दो। इसके बाद दोनों बहनें उसे गालियां देने लगीं। एक महिला के कहने पर वह आगे जाकर खड़ा हो गया। इसके बाद भी लड़कियों ने गालियां देना बंद नहीं किया।

गांव के नजदीक जब वह खिड़की के पास उतरने के लिए पहुंचा तो लड़कियों ने उसे बेल्ट लात-घूसों से मारना शुरू कर दिया। कुलदीप का कहना है कि लड़की होने के नाते उसने हाथ नहीं उठाया। तीसरी लड़की ने पूरे दृश्य की वीडियो बना ली, जिन्हें लड़कियों ने ही फोन दिया था। इसके बाद वह बस से उतरकर भागने लगा ताे लड़कियों ने उसकी जर्सी पकड़कर फाड़ दी।

साथ में धमकी दी कि आज तो तू बच गया। आगे मिला तो जान से मार देंगे। इसके बाद लड़कियों ने उसी के खिलाफ केस दर्ज करवा दिया। तभी से मैं तनाव में था, इसलिए उस समय शिकायत नहीं दे सका।

उधर, एसडीएम को ज्ञापन देने पहुंची छात्राएं

छात्र एकता मंच के नेतृत्व में एमडीयू के स्टूडेंट्स बस छेड़छाड़ मामले की पीड़िताओं के पक्ष में एसडीएम को ज्ञापन देने पहुंचे। इन छात्रों में एलएलबी सेकेंड ईयर की छात्रा और पूर्व सीएम के पैतृक गांव सांघी निवासी किरन भी थी। ज्ञापन देने के बाद वह अपनी सहेली के साथ लौटने लगी तो लघु सचिवालय के गेट पर खड़े युवकों में से एक ने उस पर फब्तियां कसी तो हंगामा हो गया।।

जांच को प्रभावित करने वाले संगठनों पर लगाई जाए रोक

^कई संगठन जांच को प्रभावित करने के लिए पर्चे बांट रहे हैं, जिसमें लड़कों को जांच पूरी होने से पहले की दोषी लड़कियों को बहादुर करार दिया जा रहा है। इससे जांच टीम पर प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में उक्त संगठनों पर मामले से जुड़ी गतिविधि करने पर रोक लगाई जाए। -संदीपराठी, ए