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गरजत आयी रे बदरिया...पर झूम उठे श्रोता

7 वर्ष पहले
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18 मिनट तक तबलावादन ने किया मंत्रमुग्ध

इसकेबाद रण मालकौंस में शास्त्रीय गायकी ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। हारमोनियम पर संगत प्रो. हुकम चंद ने तथा तबले पर संगत जयेश शर्मा ने दी। जयेश शर्मा ने कार्यक्रम में एकल तबला वादन प्रस्तुति देकर उपस्थित जन को मंत्र मुग्ध कर दिया।

संगीतको प्रोत्साहन की जरूरत

कार्यक्रमके संयोजक संगीत विभाग के प्रोफेसर डॉ. हुकम चंद ने कहा कि शास्त्रीय संगीत के प्रचार-प्रसार के लिए राग रंग संस्थान कार्यरत है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सिद्धार्थ बतरा ने कहा कि समाज में संगीत को प्रोत्साहन दिए जाने की जरूरत है। आभार प्रदर्शन प्रो. हुकम चंद ने किया। आकाशवाणी रोहतक के केन्द्र निदेशक कैलाश वर्मा समेत शहर के संगीत प्रेमी जन इस कार्यक्रम में मौजूद रहे।

रोहतक. एमडीयूमें आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुति देते हरिकिशन शर्मा और राग का आनंद उठाते श्रोता।

मनमोहक

भास्कर न्यूज|रोहतक

गरजतआयी रे बदरिया कारी-कारी... राग मिया की मल्हार में गुंथे इस गीत को सुनकर हर श्रोता गदगद हो उठा। वर्षा ऋतु के माहौल को सृजित करने के लिए बंदिशें पेश की गई। इन बंदिशों को संगीत विभाग की नेहा और ज्योति ने आवाज दी।

इसी तरह से मेघ मल्हार राग की घनन घनन घोर-घोर, घिर-घिर आयी बदरा...की मनभावन प्रस्तुति दी। मौका था, शनिवार को एमडीयू के संगीत विभाग में संगीत के सुरों के नाम आयोजित संगीत संध्या का। लाइव संगीत के इस कार्यक्रम में वर्षा ऋतु पर आधारित बंदिशें प्रस्तुत की गई। विद्यार्थियों ने कार्यक्रम का शुभारंभ मंत्रोच्चारण से किया।

इस कार्यक्रम में मुख्य कलाकार प्रतिष्ठित गायक हरि किशन शर्मा ने शास्त्रीय गायन से उपस्थित जन को भाव-विभोर कर दिया। उन्होंने राग पूरिया कल्याण में विलंबित ख्याल एवं द्रुत ख्याल प्रस्तुत किया। विलंबित ख्याल के राग में गाये गए आजसू बन बन आयो बनरा... की मद्धिम गति से गाते हुए माहौल को मनमोहक बना दिया। इसके बाद द्रुत ख्याल राग की प्रस्तुति देते हुए गुंद-गुंद लावो मालन हरवा... और आज मौरे घर आयल बलमा... पर तालियों की गड़गड़ाहट ने हर श्रोता को शास्त्रीय गायन में डुबो दिया।