रोहतक। वीटा मिल्क प्लांट से खरीदे गए देसी घी के टीन व थैली में निर्धारित मात्रा से कम घी पाए जाने के मामले में माप-तोल विभाग की ओर से कड़ी कार्रवाई की गई है। इस मामले में मिल्क प्लांट पर माप तोल विभाग के सहायक नियंत्रक की ओर से 45 हजार रुपए का जुर्माना किया गया है। मामले को बढ़ता देख वीटा मिल्क प्लांट की ओर से आनन-फानन में जुर्माना भी जमा करवा दिया है।
23 नवंबर को जगदीश कॉलोनी निवासी जयपाल द्वारा डाक के जरिए एक लिखित शिकायत भेजी गई थी। इसमें वीटा मिल्क प्लांट में घी के टीन और थैलियों में कम वजन होने का हवाला दिया गया था। डीसी ने मामले की जांच के आदेश दिए और टीम गठित की गई। राजेंद्र कॉलोनी निवासी जगजीत सिंह और जयपाल सिंह की शिकायत पर संयुक्त टीम की जांच में खुलासा हुआ था। मापतोल विभाग ने प्लांट के सीईओ का चालान काट दिया था। सहकारिता मंत्री विक्रम ठेकेदार ने भी प्लांट का दौरा किया था और खामियों के लिए जवाब मांगा।
फिर मिली वजन में अंतर की शिकायत
वीटा मिल्क प्लांट को झज्जर रोड स्थित आनंद नगर से एक महिला सुनीता देवी की ओर से भी लिखित में शिकायत दी गई है कि उसकी ओर से 15 लीटर के चार टीन खरीदे गए थे। इसका जब घर जाकर वजन चेक किया गया तो इनमें ढाई किलोग्राम घी कम पाया गया। अधिकारियों ने कहा कि टीन बदलवा लें।
वीटा मिल्क प्लांट में घी के टीन में एक से डेढ़ लीटर कम वजन मिला था और एक लीटर की थैली में 150 से 200 ग्राम घी की कम पैकिंग की गई थी। इससे उपभोक्ताओं को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया है। इसी के आधार पर मिल्क प्लांट पर 45 हजार रुपए का जुर्माना ठोका गया था।
-दिलबाग सिंह कादियान, मापतोल अधिकारी।
वीटा प्लांट में घी के टीन में कम घी मिलने के मामले में सख्त कार्रवाई की गई है। इस मामले में सहकारिता मंत्री विक्रम ठेकेदार का रवैया शुरू से भी काफी सख्त था। उन्होंने कहा भी था कि वीटा मिल्क प्लांट की साख को खराब नहीं होने दिया जाएगा। - राजबीर अहलावत, चेयरमैन, वीटा मिल्क प्लांट संघ।