रोहतक। जाट आरक्षण को लेकर रोहतक के 60 गांवों के जाट नेताओं ने शहर में जुलूस निकालकर विराेध जाहिर किया। यह प्रदर्शन जाट काॅलेज मैदान से लेकर लघु सचिवालय तक पहुंचा। प्रदर्शनकारियों ने डीसी के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। जाट आरक्षण संचालन संघर्ष समिति के संयोजक मेजर मेहर सिंह मलिक ने कहा कि बुधवार को प्रदर्शन करके सरकार और प्रशासन को आगाह किया है। जाट आरक्षण को लेकर आंदोलन का असली निर्णय दस दिन बाद छोटूराम धर्मशाला में बैठक करके लिया जाएगा। वहीं, छात्र नेता प्रदीप देशवाल ने कहा कि सांसद राजकुमार सैनी को एमडीयू में नहीं घुसने देंगे।
बुधवार को सुबह साढ़े 11 बजे जाट आरक्षण संघर्ष संचालन समिति के बैनर तले जाट कॉलेज के मैदान में आसपास के करीब 60 गांवों से जाट प्रतिनिधि एकत्रित हुए। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे प्रो. आत्मानंद देशवाल ने कहा कि आरक्षण जाटों का हक है और इसे हर हालत में लेकर रहेंगे। उन्होंने कहा कि जाटों को ओबीसी में शामिल कर लिया था, लेकिन बाद में इसे रद कर दिया गया। जाटों के आंदोलन के तरीके अलग हो सकते हैं, लेकिन मकसद आरक्षण हासिल करना है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर सभी जाटों को एकजुट होने की जरूरत है, ताकि आंदोलन को मजबूती मिल सके।
जाट आरक्षण को लेकर पहले तहसीलदार गुलाब सिंह सचिवालय में मौजूद रहे, लेकिन जाटों का कहना था कि वे प्रधानमंत्री के नाम सिर्फ डीसी को ही ज्ञापन देंगे, अन्य किसी को नहीं। इसके बाद उन्हें सचिवालय पार्क में बैठाकर डीसी को सूचना भेजी गई। इसके बाद डीसी डीके बेहेरा ने जाट प्रतिनिधियों से ज्ञापन लेकर प्रधानमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
सांसद सैनी को नहीं घुसने देंगे एमडीयू में
जाटआरक्षण के प्रदर्शन में छात्र नेता प्रदीप देशवाल ने कहा कि कुरुक्षेत्र से भाजपा सांसद रामकुमार सैनी और स्थानीय विधायक मनीष ग्रोवर समाज में जातिवाद का जहर घोल रहे हैं। इनके खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किया जाना चाहिए। प्रदीप ने कहा कि जाटों के खिलाफ अपशब्द बोलने वाले सांसद सैनी को एमडीयू में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।