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दिग्गजों को पटखनी देने वाली रेसलर को एक जानवर से लगता है डर

3 वर्ष पहले
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चरखी दादरी. 25 अगस्त 1994 में बलाली निवासी राजपाल फौगाट व प्रेमलता के घर जन्मी बेटी विनेश फौगाट जब मात्र 10 साल की थी तभी 2004 में उनके पिता राजपाल का देहांत हो गया था। विनेश ने अपने ताऊ महाबीर की बेटी गीता-बबीता को देख विनेश ने भी अखाड़े में जोर आजमाईश करना शुरू किया था। कॉमनवेल्थ गेम्स में यह उनका लगातार दूसरा गोल्ड है। इससे पहले ग्लासगो में उन्होंने यह कमाल किया था।

 

पापा के मर्डर के बाद बनी थी पहलवान

 

- महावीर फोगाट के छोटे भाई राजपाल का जमीन विवाद के चलते मर्डर हो गया था।
- भाई की मौत के बाद उन्होंने उसकी दो बेटियों विनेश और प्रियंका को ट्रेनिंग दी थी। विनेश ने अपने ताऊजी और गुरु की ट्रेनिंग का मान रखते हुए अब तक इंटरनेशनल लेवल पर एक गोल्ड समेत 8 मेडल जीते हैं।

- एक इंटरव्यू में विनेश ने कहा था कि वो अपने ताऊजी को भगवान का अवतार मानती हैं।

 

घर पर ही मिली ट्रेनिंग


- महावीर ने गीता और बबीता के साथ विनेश को अपने घर में ही अखाड़ा बनाकर ट्रेनिंग देना शुरू किया था। 
- अब उन्होंने इसी जगह पर एक प्रोफेशन रेसलिंग हॉल बना दिया है। इस हॉल में रेसलिंग मैट डाला गया है और एक अत्याधुनिक जिम बनाई गई है। जहां बच्चे रेसलिंग करने आते हैं। हॉल में सीसीटीवी भी लगाया गया है।

 

सुबह 4 बजे शुरू हो जाती है प्रैक्टिस

 

- इस रेसलिंग हॉल में सुबह 4 बजे प्रैक्टिस शुरू हो जाती है और सुबह 7 बजे तक चलती है। 
- इसके बाद शाम को भी 4 बजे से 7.30 बजे तक सेशन चलता है। 
- विनेश भी इसी शैड्यूल में प्रैक्टिस करती थीं।

 

विनेश ने एक रेपिड फायर इंटरव्यू में अपनी लाइफ से जुड़ी इंटरेस्टिंग बातें बताई थीं। आगे की स्लाइड्स में जानें किससे डरती हैं विनेश...