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चार घंटे तक दवा की आस में विधायक का इंतजार करते रहे बुजुर्ग, सेहत की पाठशाला लगा रोके रखा

5 वर्ष पहले
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सरकारद्वारा राष्ट्रीय दृष्टिहीनता कार्यक्रम के तहत शनिवार से शुरू हुए नेत्र जांच शिविर कार्यक्रम में आगाज के साथ ही मरीजों के लिए परेशानी का सबब बन गया। आखों की जांच करवानें आए मरीजों को चार घंटे तक रोहतक के विधायक मनीष ग्रोवर के इंतजार में टकटकी लगाए बैठे रहना पड़ा। हालांकि इस दौरान सीएमओ डॉ. शिवकुमार ने बीमारी उससे बचने के उपाय बताए। दरअसल, सरकार की योजना के अनुसार जिला दृष्टिहीनता निवारक समिति की ओर से शनिवार से नेत्र जांच शिविर लगाकर इस अभियान का शुभारंभ किया गया। शिविर का समय सुबह 10 बजे रखा गया। आखों की जांच करवाने सुबह से ही मरीज कलानौर के सामान्य अस्पताल पहुंचने लगे। समय पर आखों की जांच तो शुरू कर दी, लेकिन भीड़ को रोके रखने के मकसद से मरीजों को दवाइयां नहीं बांटी गई। बुजुर्ग मरीजों की आखें विधायक के इंतजार करते हुए थक गईं। कई मरीज तो बिना दवाई के ही घर चले गए। करीब सवा दो बजे विधायक मनीष ग्रोवर शिविर का उद्घाटन करने के लिए पहुंचे। तब जाकर मरीजों को दवाइयां वितरित की गई। शिविर में 515 मरीजों की आंखों की जांच की गई। इसमें से 54 मरीजों को ऑपरेशन के लिए चुना गया।

इस अवसर पर जिला प्रधान रमेश भाटिया, ओमप्रकाश बागडी, गुलशन दुआ, दिनेश जांगड़ा, यशपाल आदि उपस्थित थे।

दवाओं की कमी नहीं

^दवाओंकी कमी नहीं थी। कैंप के लिए 500 दवाएं खरीदी गई थीं। 3 मरीज कालामोतिया से पीड़ित थे। जिन्हें बाहर की दवा लिखी गई। क्यों कि कैंप सफेद मोतिया का था। रहा सवाल चार घंटे इंतजार का तो मैं खुद मरीजों को इस दौरान बीमारी के बारे में जानकारी दे रहा था। -डॉ. शिवकुमार, सिविल सर्जन

पर्ची में लिखी दवाइयां स्टॅाक में नहीं

शिविरमें चार घंटे तक दवाई मिलने के इंतजार में बैठे कई मरीजों ने जब दवाई के काउंटर पर दवाई लेने के लिए पर्ची दी तो उन्हें जवाब मिला कि ये दवाई उनके पास नहीं है। ये दवाई या तो बाहर से मिलेंगी या फिर सोमवार को अस्पताल में मिलेंगी। ऐसे मरीजों का कहना था कि जब दवाई थी ही नहीं तो फिर क्यों उन्हें चार घंटे तक इंतजार करने के लिए कहा गया।

कलानौर. शिविर का शुभारंभ करते विधायक मनीष ग्रोवर, इस दौरान मौजूद अधिकारी।

समाज सेवी संस्थाओं के बिना नहीं हो सकता भला

समाजसेवी संस्थाओं के बिना समाज का भला नहीं हो सकता। संस्थाएं अपने ढंग से कार्य करती हैं। इसके साथ सरकार भी जिम्मेदारी बनती है कि गांव और गरीब व्यक्ति तक प्रदेश सरकार की सेवाओं का लाभ पहुंचे। यह बात विधायक मनीष ग्रोवर ने कलानौर के सिविल हॉस्पिटल में कही।

{10बजे शुरू होने वाले शिविर का शुभारंभ करने दो बजे पहुंचे विधायक ग्रोवर

{भीड़ जुटाए रखने के लिए नहीं बांटी दवाइयां विधायक आए तो कहा दवाइयों का स्टाक खत्म

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