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जगह कम पड़ी तो डबल डेकर बनाई गोशाला देशी गायों की तीन नस्लों का करेंगे सुधार

5 वर्ष पहले
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मिशन स्ट्रे कैटल

ओवरब्रिजके नीचे गायों की सेवा सीएम करेंगे सीडी का विमोचन

जमीनके छोटे से टुकड़े पर गोशाला संचालन की चुनौती मिली तो लावारिस पीड़ित पशु सेवा संघ ने निडाना रोड स्थित बहू अकबरपुर गांव में डबल डेकर गोशाला का निर्माण कर दिया। साथ ही मोखरा रोड पर गोशाला की एक और ब्रांच खोल दी, जहां पर उपचार के बाद ठीक हुए घायल गोवंश की सेवा की जा रही है। यहां पर देशी गायों का नस्ल सुधार प्रकल्प चलाया जाएगा। इसके लिए हरियाणा, साहीवाल एवं थार पारकर नस्ल के सांड़ मंगाकर उनसे उत्तम नस्ल की ब्रीडिंग की जाएगी।

हौसला हो तो चुनौतियाें के बीच कामयाबी की राह निकल जाती है। दिल्ली बाईपास नहर के किनारे स्थित लावारिस पीड़ित पशु सेवा संघ की कहानी इसी के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां पर बेसहारा गोवंश और अन्य पशु-पक्षियों का नि:शुल्क उपचार किया जाता है। बाद में स्वस्थ हुए मवेशियों को गोशालाओं में स्थानांतरित कर उनकी सेवा की जाती है।

बहू अकबरपुर निवासी कर्मबीर बल्हारा ने गोशाला संचालन के लिए अपनी एक एकड़ जमीन दान की। इसके बाद वहां पर वर्ष 2010 में गोशाला बनाई गई, लेकिन गोवंश की तादात बढ़ने से उन्हें रखना मुश्किल हो गया। आसपास जमीन नहीं मिली तो डबल डेकर गोशाला बनाने का आइडिया आया। इसके लिए महाराष्ट्र गुजरात में चल रही दो मंजिला डेयरियों का सर्वे लावारिस पीड़ित पशु सेवा संघ द्वारा कराया गया। उसके बाद गोशाला को डबल डेकर बनाया गया। इसमें 140 फुट लंबी 20 फुट चौड़ी कवर्ड शेड और इतनी ही एरिया का ओपन शेड बनाया गया, जिसमें लगभग 125 गोवंश को रखा जा सकता है। इसी क्रम में 80 फुट लंबी और बीस फुट डबल डेकर गोशाला का निर्माण बगल में कराया गया, जिसमें नीचे गाएं रखी गई हैं और ऊपर तूड़े का स्टोर बनाया गया है। वर्तमान में यहां पर 500 गोवंश को रखा गया है। विकलांग गाेवंशीयों को अलग रखा गया है।



100 बछड़ियों को रखा जाएगा

मोखरारोड पर बहू अकबरपुर में लगभग 11 एकड़ जमीन पर निर्माणाधीन गोशाला में ब्रीडिंग सेक्शन डेवलप किया जा रहा है। इसके लिए 170 फुट लंबा 22 फुट चौड़ा इंसुलेटेड शेड बनकर तैयार है, जिसमें अच्छी नस्ल की छंटनी की गई सौ बछड़ियों को रखा जाएगा। यहां पर साहीवाल, हरियाणा एवं थार पारकर नस्लें विकसित की जाएंगी।

मीठे पानी के लिए 3 किमी दूर तक बिछाई पाइप

तीनकिमी दूर से पांच इंच की प्लास्टिक की पाइप जमीन में बिछाकर मीठा पानी गोशाला के लिए उपलब्ध कराया गया है। बहू अकबरपुर के ही किसान के नहर के पास स्थित खेत में सबमर्सिबल पंप लगाकर पानी की सप्लाई की जा रही है। गोशाला के नुक्कड़ पर ही प्याऊ बनाया गया है, जहां पर आसपास के खेतों में काम करने वाले किसान-मजदूर और राहगीर पानी की जरूरत पूरी करते हैं।

शहरीकरण संस्कृ़ति से खत्म हो रहे खेतों को बचाने का संदेश देने और गोशाला की जरूरत पूरी करने के लिए डबल डेकर गोशाला का निर्माण कराया गया है, ताकि कम जमीन में भी गोवंश का बेहतर रखरखाव किया जा सके। बेसहारा गायों की सेवा करने के साथ ही देशी नस्लों का सुधार कार्यक्रम लावारिस पीड़ित पशु सेवा संघ की कमेटी ने बनाया है। हमारा पूरा फोकस इस प्राेजेक्ट पर है। भविष्य में यहां पर तैयार देशी नस्ल की गायों की उपलब्धता प्रदेश स्तर तक कराई जाएगी। -डॉ. जगदीश मलिक, प्रधान, लावारिस पीड़ित पशु सेवा संघ

रोहतक. बहुअकबरपुर गांव में बनी दो मंजिला गोशाला। रैंप के जरिये गायों को ऊपर लाया जाता है।

रोहतक. फ्लाईओवरके नीचे बनी गोशाला में सीएम के आगमन को देखते हुए तैयारियों में जुटे गो भक्त।

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