4 जिलों में कैथ लैब 13 में होगी हेमोडायलिसिस सर्विस
सरकारीअस्पतालों में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए पायलट प्रोजेक्ट पर तेजी से काम चल रहा है। चंडीगढ़ स्थित स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय से 4 जिलों में कैथ लैब और 13 जिलों में हैमोडायलिसिस सर्विस शुरू करने के लिए आदेश जारी कर दिए गए हैं।
इसके तहत जिला सिविल अस्पताल में कैथ लैब के लिए 15 हजार वर्गफुट जगह देनी होगी, जबकि हैमोडायलिसिस सर्विस के लिए 2500 वर्गफीट की जगह जरूरी है। इतना ही नहीं, जिन चार जिलों में कैथ लैब शुरू होने वाली है, उन्हीं अस्पतालों में हैमोडायलिसिस सर्विस भी चालू होगी। ऐसे में इन अस्पतालों को 17500 वर्ग फीट जगह दे पाना मुश्किल हो रहा है।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक, इस योजना के लिए जिला सिविल सर्जन को आदेश दिए हैं। साथ ही पीपीपी मोड के तहत आवेदन देने वाली निजी कंपनियों को अस्पताल विजिट कराने और उनको सहयोग देने के निर्देश भी दिए हैं। बता दें कि, आठ माह पहले स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर जिला अस्पतालों में कैथ लैब स्थापित करने की घोषणा की थी। उन्होंने दावा किया है कि यह सुविधा उपलब्ध होने के बाद आम व्यक्ति को हृदय संबंधी बीमारियों के लिए प्राइवेट अस्पतालों की महंगी इलाज पद्घति से निजात मिलेगी।
जगहकी लिस्ट मंगाई चंडीगढ़
मुख्यालयसे सभी 13 जिलों के सिविल सर्जन को आदेश देते हुए अस्पतालों में लैब और सर्विस सेंटर की जगह का पूरा खाका चंडीगढ़ मंगवा लिया गया है। सूत्रों की मानें तो लिस्ट पर दो बार अधिकारियों की चर्चा भी हुई है।
पहलेजुटे ई-उपचार पर, अब लैब की बारी
पायलटप्रोजेक्ट में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने ई-उपचार योजना को भी शामिल किया था। जिसे हाल ही में सोनीपत, रोहतक सहित प्रदेश के कुछ जिलों में शुरू कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि विभागीय अधिकारी ई-उपचार योजना के बाद अब कैथ लैब और हैमोडायलिसिस सर्विस शुरू करने पर जोर दे रहे हैं।
यह होगा फायदा
सभीअस्पतालों में लैबोरेट्रीज भी स्थापित की जाएंगी ताकि किसी भी टैस्ट के लिए मरीज को प्राइवेट लैबोरेट्री का सहारा लेना पड़े। यहां तक की एमआरआई और सीटी स्कैन जैसी सुविधाएं भी सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध होंगी। आपातकालीन सेवाओं के साथ-साथ अस्पतालों में प्रसूति और महिला रोगों से संबंधित चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था भी की जा रही है।
यहांखुलेगी लैब
बनेंगे सर्विस सेंटर
अंबालाकैंट, पंचकूला, गुड़गांव सेक्टर 10 और फरीदाबाद स्थित सिविल अस्पताल में कैथ लैब खुलेगी। इन अस्पतालों में हैमोडायलिसिस सर्विस भी शुरू होगी। इनके अलावा हिसार, भिवानी, रेवाड़ी, झज्जर, सोनीपत, पानीपत, बहादुरगढ़, सिरसा, जींद, यमुनानगर अस्पताल में सर्विस का लाभ मरीजों को मिलेगा।