रिकॉर्ड से एक कदम दूर हॉकी हरियाणा, सेमीफाइनल आज
वारकरना है तो गोल पर नहीं, सामने वाले के दिमाग पर करो। फिल्म चक दे इंडिया के इस चर्चित डाॅयलॉग को हरियाणा ने बखूबी निभाया है।
नेशनल चैंपियनशिप के मैदान पर मिशन चक दे हरियाणा जारी है। एक के बाद एक तीन-तीन मैच में जीत हासिल करने के बाद प्रदेश की टीम 6वीं सबजूनियर नेशनल वुमन चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में दस्तक दे चुकी है। अब निगाहें उस रिकॉर्ड पर है, जिसे तोड़ने के लिए हरियाणा की जूनियर टीम वर्षों से सपने संजोए है।
शनिवार को राजीव गांधी खेल स्टेडियम के एस्ट्रोटर्फ मैदान पर सुबह 7.30 बजे से पंजाब के साथ फाइनल में प्रवेश लेने के लिए भिंड़त होगी। वर्ष 2014 में झारखंड के रांची में महज एक गोल से हारने के बाद टीम ने बड़ा सबक लिया। यही कारण है कि एक वर्ष के लगातार अभ्यास के बाद चार खिलाड़ी मंजू चौरसिया, शर्मिला, भारती सरोहा और प्रीति का दमदार प्रदर्शन जारी है। इन खिलाड़ियों की पहचान हैट्रिक, सेल्फ डिफेंस और संकटमोचन के नाम से होती है। कोच प्रीतम सिवाच बताती हैं कि हरियाणा की खिलाड़ियों ने हॉकी में काफी उपलब्धियां हासिल की हैं, लेकिन सबजूनियर स्तर पर ये थोड़ा मुश्किलों भरा होता है। कम सुविधा और ज्यादा उम्मीदें टीम के आगे बड़ी चुनौती खड़ा करती हैं।