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24 लाख लेकर नहीं दिए बुकिंग लेटर, ताऊ अड़ा तो लौटाई रकम

5 वर्ष पहले
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निजीबिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कंपनी की मनमानी के खिलाफ आरटीआई कार्यकर्ता ताऊ उमेद खत्री की लड़ाई ने दो रिटायर्ड अधिकारियों की जमा पूंजी बर्बाद होने से बचा ली। झज्जर रोड पर आवासीय कॉलोनी में फ्लोर देने के नाम पर कंपनी ने उनसे 24 लाख रुपए लिए थे, लेकिन दो वर्ष तक तो बुकिंग लेटर दिया और साइट पर काम ही शुरू कराया। रिटायर्ड अधिकारियों ने पैसे मांगे तो उन्हें दिल्ली हेड ऑफिस बुलाकर बेइज्जत किया। इस पर बुजुर्ग सेक्टर-3 निवासी ताऊ उमेद खत्री के पास पहुंचे। ताऊ ने कंपनी के खिलाफ इतनी शिकायतें भेजी कि आखिरकार कंपनी ने दो साल से अटकाई हुई पेमेंट चेक के जरिये वापस कर दी। ताऊ ने कहा कि कंपनी ने दो वर्ष तक 24 लाख रुपए अपने पास रखे हैं, अब उसका ब्याज तो देना ही पड़ेगा या फिर कंपनी से दो वर्ष के लिए 24 लाख रुपए लेंगे।

चारलाख रुपए का था फ्लोर : निजीबिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कंपनी ने वर्ष 2013 में झज्जर रोड पर आवासीय कॉलोनी विकसित करने का हवाला देते हुए बुकिंग आवेदन मांगे थे। इसके तहत 2200 स्क्वायर फुट फ्लोर की बुकिंग फीस 4 लाख रुपए रखी गई। जनता कॉलोनी निवासी शिक्षा विभाग के रिटायर्ड ज्वाइंट डायरेक्टर राजेंद्र सिंह ने भी 12 लाख रुपए जमा कर दिसंबर, 2013 में तीन फ्लोर की बुकिंग करा दी। सेक्टर-14 निवासी वेयर हाउस के रिटायर्ड मैनेजर सूबे सिंह ने भी 12 लाख रुपए में तीन फ्लोर की बुकिंग कराई। नब्बे दिन बाद बुकिंग लेटर मिलने थे, लेकिन तो बुकिंग लेटर मिले और ही उक्त साइट पर काम ही शुरू कराया गया। दोनों ने अपनी रकम वापस मांगी तो दिल्ली बुलाकर बाउंसर्स से अभद्रता कराई गई। एक बार प्रार्थना पत्र भी लिखवा लिया, लेकिन रकम वापस नहीं की। इसके बाद उन्होंने सेक्टर-3 निवासी उमेद सिंह से संपर्क साधा और मदद मांगी।

यूं आगे बढ़ाई लड़ाई

राजेंद्रसिंह सूबे सिंह ने कहा कि जैसा उमेद सिंह कहते गए, उन्होंने वैसा ही किया। सीएम विंडो सहित पुलिस अन्य कई विभागों में शिकायत भेजी, जिसका असर होना शुरू हो गया। मामला डीजीपी के बाद आईजी एसपी के पास पहुंचा। निजी कंपनी ने अपना कारिंदा एसपी ऑफिस भेजा, जहां दोनों पीड़ितों को भी बुला लिया गया। जद्दोजहद के बाद कंपनी की तरफ से 24 लाख रुपए के चेक दोनों पीड़ितों को दे दिए गए।

लेट पेमेंट होने पर उक्त कंपनी 24 फीसदी ब्याज लेती है। जब उस कंपनी ने दो वर्ष तक 24 लाख रुपए इस्तेमाल किए हैं तो ब्याज तो उसे भी देना पड़ेगा। हक मिलने तक लड़ाई जारी रहेगी। -उमेदसिंह, आरटीआई कार्यकर्ता

भास्कर में कई किस्से पढ़कर उमेद सिंह को खोजा

लोगोंको उनका हक दिलाने के उमेद सिंह के कई किस्से दैनिक भास्कर में पढ़े थे। उमेद सिंह के पास जाकर अपनी व्यथा रखी तो उन्होंने हमारी लड़ाई शुरू कर दी और फंसी हुई रकम वापस मिली। -राजेंद्रसिंह, सेवानिवृत्त संयुक्त निदेशक, शिक्षा विभाग

{ शिक्षा विभाग के रिटायर्ड ज्वाइंट डायरेक्टर वेयर हाउस के रिटायर्ड मैनेजर को निजी कंपनी ने खिलाए धक्के

{ ताऊ की लड़ाई अब भी जारी, बोले- कंपनी दो साल के लिए दे 24 लाख या फिर ब्याज, तभी होगा समझौता

रोहतक. फ्लैटके नाम पर लिए गए 24 लाख रुपए के चेक दो वर्ष बाद वापस मिलने के बाद अब ब्याज लेने के लिए शिकायत तैैयार करते सेक्टर तीन निवासी उमेद सिंह पीड़ित रिटायर्ड अधिकारी।

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