मल्टी ट्रांजिट हब में विकसित होंगे प्रदेश के 11 रेलवे स्टेशन
मल्टी ट्रांजिट हब में विकसित होंगे प्रदेश के 11 रेलवे स्टेशन
फरीदाबाद | रेलवेअब बेहतर सुरक्षा और सुविधाओं के तहत मल्टी ट्रांजिट हब के रूप में स्टेशनों को विकसित करने जा रहा है। रेलवे मंत्रालय ने पहले चरण के तहत हब के रूप में तैयार किए जाने वाले 332 स्टेशनों की सूची जारी कर दी है। इसमें हरियाणा के 11 स्टेशन शामिल हैं। इस योजना के तहत सबसे पहले कार्य सीएसटी मुंबई स्टेशन पर अप्रैल 2016 से शुरू होने की संभावना रेलवे अधिकारियों ने जताई है। जबकि हरियाणा में अंबाला कैंट सबसे पहले इसमें तब्दील होगा। इसके बाद फरीदाबाद, बल्लभगढ़ और गुड़गांव के स्टेशनों पर इस योजना के तहत अक्टूबर से कार्य शुरू होने की संभावना है।
ये स्टेशन 45 वर्षों की लीज़ के तहत कमर्शियल डेवलपर बनाएंगे।
क्या है मल्टी ट्रांजिट हब
मल्टी ट्रांजिट हब का मतलब एक ही जगह से मेट्रो, बस, पार्किंग और अन्य ट्रांसपोर्ट साधन बिना बाहर निकले लोगों को मिल सकेंगे। रिटेल शॉप, मार्केट, बिजनेस हाउस, कैफे, लांज, रेस्टोरेंट, रिटायरिंग रूम, बेहतरीन वेटिंग रूम, एटीएम आदि की सुविधाएं भी यात्रियों को वहीं प्राप्त होंगी। इसके अलावा हॉस्पिटेलिटी, मेडिकल, डिसएबल्ड फ्रेंडली, फार्मेसी एवं इमरजेंसी सुविधाएं भी इसी हब में मौजूद रहेंगी। सुरक्षा बिल्कुल एयरपोर्ट जैसी और सारी डिजिटलाइज प्रणाली का प्रयोग इन स्टेशनों पर होगा। मतलब फ्री वाईफाई, डिजिटल रिजर्वेशन कंफर्मेशन चार्ट आदि सुविधाएं यहां लोगों को मिलेंगी।
हरियाणा के ये 11 स्टेशन
अंबाला कैंट, फरीदाबाद, बल्लभगढ़, गुड़गांव, कालका, करनाल, पानीपत, रोहतक, सोनीपत, भिवानी और हिसार। सूची के हिसाब से ही स्टेशनों का नंबर हब में तब्दील करने के लिए लगाया जाएगा। सूची में सबसे पहले हरियाणा का अंबाला कैंट 39वें नंबर पर है। इसके बाद बल्लभगढ़ स्टेशन 126वें नंबर पर है। फरीदाबाद का स्थान तीसरे नंबर पर 137वें नंबर और गुड़गांव का चौथे नंबर पर 140वें नंबर पर है। 3 साल में 332 स्टेशनों को इस योजना के तहत तब्दील कर दिया जाएगा।
कोट्स...
इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के रूप में विकसित करने के लिए 332 स्टेशनों की सूची जारी कर दी गई है। विदेशी तर्ज पर ये स्टेशन कमर्शियल डेवलपरों को बनाने के तहत 45 वर्षों की लीज़ पर दिए जाएंगे। रेलवे की ओर से पैसा नहीं लगाया जाएगा। इस सूची में हरियाणा के 11 स्टेशन शामिल हैं। विदेशी कंपनियों को भी इसके लिए आमंत्रित किया जा रहा है।
-अनिल सक्सेना, प्रवक्ता रेलवे मंत्रालय