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कोच खिलाड़ियों की मशीन पर लगेगी हाजिरी

5 वर्ष पहले
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यह मिलेंगे दंगल में इनाम : भारतकेसरी खिताब पर इनाम 1 करोड़ और दूसरे स्थान पर रहने वाले पहलवान को 50 लाख, तीसरे स्थान 25 लाख, चौथे स्थान पर 10 लाख, पांचवें स्थान पर 5 लाख, 6वें स्थान पर 3 लाख, 7वें स्थान पर 2 लाख, 8वें स्थान पर 1 लाख रुपये का इनाम मिलेगा।

विंबलडन की तर्ज पर राउंडवाइज होगा दंगल

23मार्च को गुड़गांव में होने वाले 1 करोड़ रुपये इनाम वाले भारत केसरी कुश्ती दंगल के लिए इस बार ऑनलाइन आवेदन लिए जाएंगे। खेल विभाग इसके लिए वेबसाइट तैयार करा रहा है, जो अगले तीन-चार दिन में शुरू कर दी जाएगी। विंबलडन की तर्ज पर हर राउंड में इनाम जीतने के मौके वाले कुश्ती दंगल में मिलेंगे। जो भी पहलवान इस दंगल में शामिल होगा उसे एक इनाम तो मिलेगा ही। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि देश के अन्य राज्य से पहलवान आवेदन के लिए चंडीगढ़ नहीं सकते। इस सुविधा के शुरू होने के बाद पहलवान अपने घर बैठकर भी आवेदन कर सकेंगे।

5 लाख का होगा बीमा

खिलाड़ियोंको चोट लगने बीमार होने पर इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। प्रदेश सरकार सभी खिलाड़ियों का 5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा कराएगी। इसके तहत उन्हीं खिलाड़ियों का बीमा होगा, जिनका प्रशिक्षक के पास रजिस्टर में रजिस्ट्रेशन है। जिलेवार पहली लिस्ट मंगाई गई है।

ऐसे काम करेगी मशीन

{बसकंडक्टरों के पास मौजूद टिकट काटने वाली मशीन जैसी ही होगी दिखने में हाजिरी मशीन {इसे मोबाइल फोन की तरह बिजली से एक बार चार्ज करना होगा {इसमें फोन की तरह ही सिम के जरिए इंटरनेट चलता रहेगा {इस मशीन के अंदर बायोमीट्रिक पहचान सिस्टम के साथ ही जीपीएस भी दिया गया है। {पंचिंग के समय इसकी लोकेशन प्रशिक्षण सेंटर के अलावा कहीं और होने पर जानकारी मिल जाएगी

परीक्षित निर्भय। रोहतक

खेलोंमें राजनीति और फर्जीवाड़े पर लगाम कसने और खिलाड़ियों को मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने के लिए विभाग इस माह के अंत तक तीन नए बदलाव लेकर रहा है। इन नई पहल के तहत गुड़गांव में होने वाला भारत केसरी दंगल, हाजिरी और स्वास्थ्य बीमा शामिल है।

एकमार्च से सेंटर पर लगेगी हाजिरी

अबकोच मैदान से फरलो नहीं मार सकेंगे। खेल विभाग अपने सभी 424 प्रशिक्षकों की हाजिरी एक मार्च से प्रशिक्षण सेंटर पर जीपीएस युक्त बायोमीट्रिक पंचिंग मशीन से दर्ज कराएगा। इस मशीन से खिलाड़ियों की उपस्थिति भी दर्ज होगी। उच्च अधिकारियों ने बताया कि ऐसी 425 मशीनें कंपनी से खरीदी जा चुकी हैं। इस मशीन काे प्रशिक्षक अपने प्रशिक्षण सेंटर पर साथ रखेगा। इसमें प्रशिक्षक जब सेंटर पर पहुंचेगा तो उसे हाजिरी पंच करनी होगी और सेंटर से वापस जाते समय भी पंचिंग करनी होगी। इस तरह एक दिन में सुबह और शाम के दोनों समय मिलाकर एक प्रशिक्षक को चार बार हाजिरी लगानी होगी। साथ ही खिलाड़ियों की भी हाजिरी पंच होने से इस मशीन के जरिए प्रशिक्षक के पास मौजूद कुल खिलाड़ियों का असली रिकॉर्ड भी खेल विभाग के पास पहुंच जाएगा।

^एककंपनी से पंचिंग मशीन विशेष तौर पर तैयार कराई गई है। 1 मार्च से सभी प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण सेंटर सही तरह से चलाना होगा। -जगदीप सिंह, खेल निदेशक

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