जूनागढ़ के जंगल से पिपली जू में लाए गए बब्बर शेर-शेरनी
पैंथर और दरियाई घोड़े भी दिखेंगे
31 मार्च से खुलेगा जू
कुरुक्षेत्र को पर्यटन हब बनाने की तैयारी
प्रदेशमें पहली बार एशियाई शेरों की दहाड़ सुनाई देगी। जूनागढ़ के शक्करबाग चिड़ियाघर से नर-मादा का जोड़ा पिपली के चिड़ियाघर में पहुंच चुका है। वन मंत्री राव नरबीर सिंह ने बताया कि शेरों के आवागन को लेकर चिड़ियाघर को फिलहाल बंद किया हुआ है। 31 मार्च से चिड़ियाघर को दोबारा पर्यटकों के लिए खुलने की संभावना है।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार कुरुक्षेत्र को पर्यटन हब के रूप में विकसित कर रही है। खुद पीएम ने कुरुक्षेत्र में रैली के दौरान इस शहर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन हब बनाने की बात कही थी। यहां शेर होने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। हालांकि पिपली से बड़ा चिड़ियाघर रोहतक में है। उसके पास करीब 42 एकड़ जमीन है। जबकि पिपली जू के पास 28 एकड़।
नएसिरे से बनाया आशियाना : प्रदेशमें तीन चिड़ियाघर रोहतक, भिवानी और पिपली में हैं। तय था कि इन शेरों को पिपली जू में रखा जाएगा। जू को नए सिरे से तैयार किया जा रहा है। यहां तक कि यहां से कबूतर और पक्षी भी उड़ा दिए गए। अब यहां बड़े जानवर ही रखेंगे जाएंगे। शेरों के लिए करीब ढाई हजार स्कवेयरमीटर जगह को जालीदार बाड़ से कवर किया है। यहां तक कि जू में आवागमन भी 31 मार्च तक बंद कर दिया है। बताया जाता है कि शेर-शेरनी के जोड़े की उम्र करीब चार साल है।
एक्सचेंजप्रोग्राम के तहत मिला जोड़ा : करीबतीन माह से एशियाई शेरों को लाने की प्रक्रिया चल रही थी। इसके लिए नेशनल जू अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने स्वीकृति दे दी थी। इन्हें एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत लाया गया है। इनके बदले में प्रदेश से कोलेजफ्रोजन और रेडजंगल फाउल नामक पक्षियों का जोड़ा दिया गया है।
जूनागढ़ जंगल से फाइल फोटो
प्रदेश को मिल चुके शेर : मंत्री
^गुजरातसे दो शेर लाए गए हैं। मंत्री के मुताबिक इन शेरों को पिपली जू में रखा गया है। उनका कहना है कि 31 मार्च से जू पर्यटकों के लिए खुल जाएगा। -रावनरबीर सिंह, वनमंत्री
पिपली चिड़ियाघर को अभी तक मिनी जू का दर्जा मिला था। अब जू का पूरा कायाकल्प किया जा रहा है। अब बड़े जानवर और दुर्लभ पक्षी भी देखने को मिलेंगे। शेरों के अलावा दो पैंथर और दो दरियाई घोड़े भी पहुंच चुके हैं। यहां इससे पहले कैट परिवार के बाघ रखे जा चुके हैं। पिछले साल ही बाघ की मौत हो गई थी।
शेरों का जोड़ा पहुंच चुका है, लेकिन वन्य प्राणी विभाग इस पर चुप हैं। हालांकि अधिकारी यह तो मान रहे हैं कि शेर रखे जाएंगे, लेकिन कब से इन्हें दिखाया जाएगा, इसका खुलासा करने से बच रहे हैं। कुरुक्षेत्र समेत पांच जिलों का प्रभार संभाल रहे वन्य प्राणी अधिकारी सुरेंद्र राठी ने कहा कि जल्द ही पिपली जू में शेर दहाड़ेंगे।