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30 हजार कामर्शियल यूनिट्स के सर्वे में गोलमाल, मांगा ब्यौरा

5 वर्ष पहले
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हाउसटैक्स की वसूली के लिए कराए गए पुराने सर्वे में कई यूनिट्स ऐसी हैं, जो रेजीडेंशियल फेज की हैं, जबकि उन्हें व्यावसायिक प्रतिष्ठान की सूची में रखा गया है। ट्रेड लाइसेंस के लिए कराई गई पड़ताल में इस तरह की जानकारी आई हैं। हिसार रोड पर 8 वर्ष से बंद जर्जर मकान में चमड़ा उद्योग तो सौ गज के मकान मालिक को 85 हजार का कामर्शियल बिल भेजने जैसे मामले इसकी बानगी भर हैं। लगभग 30 हजार कामर्शियल यूनिट्स से हाउसटैक्स की वसूली में गोलमाल का आरोप लगाते हुए हाउसटैक्स कमेटी की वाइस चेयरमैन नीरा भटनागर ने नगर निगम से ब्यौरा मांगा है। इधर निगम के नए बजट पर अंतिम तारीख 30 जनवरी तक किसी पार्षद ने अपनी राय नहीं भेजी। अब सदन में रखे जाने से पहले औपचारिक बैठक में अनुमानित बजट पर पार्षदों के साथ आमराय बनने की कोशिश की जाएगी।

रोहतक नगर निगम बनने के बाद आवासीय व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से गृहकर की वसूली के लिए निजी कंपनी को ठेका देकर निगम क्षेत्र का सर्वे कराया गया था, जिसमें पाई गई लगभग डेढ़ लाख यूनिट्स में से 30 हजार यूनिट को कामर्शियल दिखाया गया, लेकिन हाल में ही ट्रेड लाइसेंस के लिए कराए गए सर्वे में कई मामले ऐसे हैं, जहां हेरफेर किया गया है।

दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग

^हाउसटैक्स का मनमानी बिल अधिकारी शहरवासियों को भेज रहे हैं। इसके चलते लोग अधिकारियों के कार्यालयों का चक्कर काटने काे विवश हैं। जल्दी ही बैठक कर ऐसे मामलों को उठाया जाएगा। साथ ही दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की जाएगी। -अशोककुमार भाटी, डिप्टी मेयर नगर निगम।

हाउस टैक्स में बड़ाघोटाला

^2010-11में सर्वे करने वाली कंपनी ने अधिकारियों की मिलीभगत से बिलों में हेराफेरी की है। जिन 30 हजार यूनिट्स को वाणिज्यिक बताया गया था। उनसे आज तक टैक्स की वसूली क्याें नहीं हुई। निगम का अब तक सबसे बड़ा घोटाला हाउस टैक्स के सर्वे और उसकी वसूली में हुआ है। अधिकारियों से डिटेल मांगा है। -नीराभटनागर, हाउसटैक्स कमेटी की वाइस चेयरमैन।

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