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लकवाग्रस्त मां को था फौजी बेटे की शादी का इंतजार, अफसर बनकर घाेड़ी चढ़ने का था वादा

5 वर्ष पहले
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पठानकोटके हरियाल स्थित 2 मैक आर्मी यूनिट में तैनात खिडवाली निवासी सैनिक राजेश की सुसाइड की खबर मिलने के बाद खिड़वाली गांव में मातम फैल गया। वृद्ध मां-बाप का अपने फौजी बेटे के गुजरने के गम में रो-रोकर बुरा हाल है। घर में 11 दिन पहले छुट्टी लेकर आए राजेश की शादी की चर्चा चली रही थी। मां ने पूछा भी था कि बेटा तेरा ईब ब्याह कर दयूं। तब राजेश ने टाल दिया था कि ना मां ईबे बड़ा अफसर बनना है। सोमवार रात यह बताते-बताते मां सावित्री फफक पड़ी। बोलीं, उनका बड़ा बेटा राजेंद्र हुड्डा पहले से ही फौज में था। तीन साल पहले जब उनका सबसे छोटा बेटा रिंकू (राजेश) भी फौज में भर्ती हुआ तो वे सबसे खुश थीं। क्योंकि उनका सपना था कि दोनों बेटे फौज में जाकर देश की सेवा करें, लेकिन रिंकू की मौत की खबर से उनकी छाती फटी जा रही है। किसी को यकीन ही नहीं हो रहा कि राजेश इस तरह का कदम उठाएगा। राजेश की आत्महत्या के कारण उसकी मौत के साथ दफन है, जो जांच के बाद ही सामने सकते हैं। रोहतक से प्लस टू की पढ़ाई करने के बाद तीन भाइयों में सबसे छोटा राजेश (25) पुत्र रामनारायण हुड्डा 13 मार्च 2013 को आर्मी के 2 मैकनाइज यूनिट में भर्ती हुअा। पहली पोस्टिंग गंगानगर में हुई। इसके बाद ट्रांसफर पठानकोट के हरियाल स्थित 2 मैक अार्मी यूनिट में हुआ। जहां राजेश ने अपनी सर्विस राइफल से सिर में गोली मारकर खुदकुशी कर ली। हालांकि सैनिक के पास मिले सुसाइट नोट के मुताबिक उसने लिखा कि वह पूरे होश हवाश में यह कदम उठा रहा है। आत्महत्या करने के लिए किसी ने उसे प्रेशर नहीं किया। दिमागी तौर पर भी वह सही है। सुसाइट नोट और उसके भाइयों के बयान पर पुलिस ने 174 के तहत कार्रवाई कर सिविल अस्पताल से शव का पोस्टमार्टम करवा दिया। परिजनों के मुताबिक मंगलवार की सुबह लगभग 6 बजे तक राजेश का पार्थिव शरीर फौजी वाहन से गांव लाया जाएगा।

खुद था फौज जाने का सपना

दूसरों को भी करता था प्रेरित

राजेशका सपना शुरू से ही फौज में जाकर देशसेवा करने का रहा। छुट्टी पर जब भी बड़े भाई राजेंद्र हुड्डा घर आते तो वह उनसे फौज के बारे में ही जानकारी लेता और खुद भी फौज में जाने के सपने देखता। दूसरे बड़े भाई कप्तान सिंह ने बताया कि रिंकू का सपना बड़ा अफसर बनने का था। साथ ही वह गांव के अपने उम्र के ज्यादा से ज्यादा से बच्चों को भी फौज में जाने के लिए प्रेरित करता।

पिछले माह आया था 10

दिन की छुट्टी पर

10दिन की छुट्टी पर घर आए राजेश 29 जनवरी को खुशी-खुशी अपनी ड्यूटी पर गया। इधर आर्मी से रिटायर्ड भाई राजेंद्र हुड्डा ने बताया कि सोमवार की अलसुबह 4:15 बजे पठानकोट आर्मी यूनिट से फोन पर राजेश की मौत की सूचना मिली तो घर के लोग बिलख पड़े। राजेश की मौत की खबर से सबसे बुरा हाल मां सावित्री का है। बीते 14 वर्ष से लकवा से पीड़ित सावित्री बेड पर हैं। जैसे ही उनको बेटे की मौत की खबर मिली वे फफक पड़ी। मुश्किल से उन्हें ढांढस बंधाया जा सका।

11 दिन पहले ही छुट्टी काटकर लौटा था राजेश सुसाइड नोट में नहीं बताई कोई वजह

रोहतक. खिड़वालीके फौजी राजेश की मां सावित्री पिता रामनारायण बेटे की फोटो को निहारते हुए।

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