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खस्ताहाल जिम खतरनाक ब्रेकर महंगी सफाई

5 वर्ष पहले
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निगम का खजाना लुटाने की तैयारी

शहरके विकास का दारोमदार संभालने वाली नगर निगम के सदन की बैठक एक बार फिर हंगामेदार रहने के आसार बन रहे हैं। 19 फरवरी को होने वाली बैठक में इस बार सर्वाधिक विवादित प्रस्तावों को लाया जा रहा है। जहां बिना एजेंडे के एलिवेटेड रोड के प्रस्ताव पर कांग्रेस और भाजपा पार्षदों में बहस की तैयारी है वहीं, खस्ताहाल ओपन जिम, खतरनाक ब्रेकर, कम्युनिटी सेंटर और सफाई के ठेके पर हंगामा हो सकता है। गुरुवार को बैठक का एजेंडा जारी कर दिया गया है। इसमें 72 प्रस्ताव शामिल हैं।

72में से 18 बिजली और पब्लिक हेल्थ के प्रस्ताव

बैठकके एजेंडे में कुल 72 प्रस्ताव शामिल किए गए हैं। इनमें 18 बिजली निगम पब्लिक हेल्थ विभाग से संबंधित हैं। इसके तहत वार्ड नंबर- 2, 3, 4, 6, 7, 8, 14, 16 में सीवर पानी की लाइन से जुड़े कार्य हैं, जबकि वार्ड संख्या- 6 4 में बिजली पोल, स्ट्रीट लाइट के कार्य शामिल किए गए हैं। इन 18 प्रस्तावों में सबसे ज्यादा आठ प्रस्ताव वार्ड छह के हैं।

12 दिसंबर को प्रकाशित खबर। दुकान तोड़ने पर हुआ बवाल।

2 दिसंबर को प्रकाशित खबर में बताया कि कबाड़ हो गए जिम।

23 जनवरी को प्रकाशित खबर। अवैध ब्रेकरों की वजह से बड़ा हादसा हुआ।

24 दिसंबर को प्रकाशित खबर। सफाई कर्मचारी ठेके पर सफाई के विरोध में उतरे।

लाला लाजपत राय मार्केट में एक दुकानदार द्वारा नगर निगम की जमीन पर अवैध कब्जे के मामले को लेकर जमकर हंगामा हुआ था। यहां दुकान तोड़कर शौचालय बनाने की बात कही जा रही थी। इस मुद्दे पर व्यापारी दो खेमों में बंट गए थे। एक गुट ने धरना-प्रदर्शन तक किया था। अवैध निर्माण ढहाने गई नगर निगम की टीम को भी विरोध के चलते दो बार बैरंग लौटना पड़ा था। अब इस कब्जे वाली जमीन की कीमत वसूलकर दुकानदार को ही देने का प्रस्ताव लाया जा रहा है। इस पर दूसरे गुट के पार्षद विरोध कर सकते हैं।

शहर के मानसरोवर पार्क, सुभाष पार्क, रेवन्यू कॉलोनी तथा झज्जर चुंगी स्थित अंबेडकर पार्क में पायलेट प्रोजेक्ट के तहत 60 लाख रुपए से बनाए गए ओपन जिम की अधिकतर मशीनें टूट चुकी हैं। मशीनों के फाउंडेशन हिल गए हैं। यहां पर जिम ट्रेनर के अभाव और मशीनों के रखरखाव का सही प्रबंध नहीं होने की वजह से ये जिम झूला घर बन गए हैं। जिम में मशीनों का सही प्रयोग करने के विषय में बोर्ड तक नहीं लगवाए गए हैं। इससे सबक लेने की बजाय वार्ड-11 के डीएलएफ पार्क में जिम बनाने का प्रस्ताव लाया जा रहा है।

शहर से होकर गुजरने वाले नेशनल स्टेट हाईवे के अलावा वैकल्पिक मार्गों पर जगह-जगह खतरनाक ब्रेकर बने हुए हैं, जो हादसों का सबब बन रहे हैं। पिछले वर्ष नगर निगम में दस लाख रुपए की लागत से शहर के वार्डों में 119 ब्रेकर बनवाए गए। हाल ही में जींद रोड पर ब्रेकर की वजह से ट्रैक्टर पलटा, जिसमें दो छात्रों की मौत हुई। निगम अधिकारियों ने सर्वे कराकर सभी ब्रेकरों को हटवाने की बात कही, लेकिन इसके विपरीत अब प्रस्ताव लाया जा रहा है कि वार्डों में सर्वे कराकर और ब्रेकर बनवाए जाएं। एेसा हो कि पहले लाखों रुपए खर्च करके शहर में जगह-जगह ब्रेकर बनवाए जाएं और फिर बाद में इन्हें तुड़वाया जाए।

>राजीव कॉलोनी में पार्क की खाली भूमि, सैनिक कॉलोनी जेपी कॉलोनी में स्थित धर्मशाला, मॉडल टाउन में बारातघर को नगर निगम के अधीन लेना।

>प्रत्येक मार्केट में रेडक्रॉस सोसायटी को दो दुकान अलॉट करने का प्रस्ताव।

>गांधी कैंप में कृष्ण लाल खुराना के मकान के साथ लगती भूमि मकान मालिक को देना।

>पेट्रोल पंपों की लीज के रेट बढ़ाने का प्रस्ताव

>डेयरियों को शहर से बाहर शिफ्ट करना।

>पुनर्वास, नगर सुधार मंडल तथा टाउन प्लानिंग स्कीम में वाणिज्यिक उपयोग करना।

>गोकरण तालाब कम्युनिटी सेंटर संस्था को देने बारे।

पूरे शहर के 20 वार्डों की सफाई पर नगर निगम करीब डेढ़ करोड़ रुपए खर्च रहा है, वहीं अकेली चार सड़कों को 40 लाख रुपए महीना में साफ करवाने का टेंडर दिया गया है। इनमें ड्रेन नंबर आठ भिवानी रोड से ओल्ड बस स्टैड होते हुए बाबा मस्तनाथ विवि तक, शांत मई चौक से वाया गोहाना अड्डा से सुखपुरा चौक से शीला बाईपास वाया न्यू बस स्टैड, शीला बाईपास से दिल्ली बाईपास की सड़कें शामिल है। इन सड़कों की सफाई बड़ी मशीन से की जाती है। इस ठेका का सफाई कर्मचारियों ने जबरदस्त विरोध किया था। अब हिसार रोड, जींद फ्लाईओवर जींद रोड की सफाई भी मशीनों से करवाने का प्रस्ताव लाया जा रहा है।

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