एनएसएस सामाजिक जागरुकता की अलख जगाने का सशक्त माध्यम
कुलपति ने एमडीयू के एनएसएस द्वारा बेटी बचाओ, एड्स स्वच्छता जागरुकता रैली को दिखाई हरी झंडी, कहा
भास्करन्यूज। रोहतक
बेटियांसमाज का गौरव है। बेटियां सुख, समृद्ध और खुशहाल समाज का निर्माण करती हैं। आज जरूरत है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की-बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ मुहिम को गति देते हुए बेटियों को समान दर्जा देने की, इस बारे में जागरुकता फैलाने की।
यह विचार एमडीयू के कुलपति प्रो. बिजेंद्र कुमार पूनिया ने गुरुवार को एमडीयू के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) कार्यालय द्वारा बेटी बचाओ, एड्स स्वच्छता जैसे सामाजिक सरोकारों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर आयोजित जागरुकता रैली को रवाना करते हुए व्यक्त किए। कुलपति ने हरी झंडी दिखाकर इस रैली को रवाना किया।
उन्होंने कहा कि एनएसएस सामाजिक जागरुकता की अलख जगाने का सशक्त माध्यम है। एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक डाॅ. रणबीर सिंह गुलिया की अगुवाई में एनएसएस वालंटियर्स की जागरुकता रैली ने विवि परिसर से होते हुए दिल्ली बाईपास और वहां से वापस विवि के डीडीई कांफ्रेंस हॉल में पहुंची।
इस जागरुकता रैली में एड्स, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, स्वच्छता सहित अन्य ज्वलंत सामाजिक मुद्दों बारे जागरुकता फैलाने का संदेश दिया गया। डाॅ. रणबीर सिंह गुलिया ने बताया कि एनएसएस वालंटियर्स के लिए आपदा प्रबंधन पर आयोजित कार्यशाला गुरुवार को संपन्न हो गई।
उन्होंने बताया कि कार्यशाला में सुबह के सत्र में सीएमओ डाॅ. शिव कुमार, डिप्टी सीएमओ डाॅ. इंदू पीजीआईएमएस के डाॅ. वरुण अरोड़ा ने एचआईवी एड्स के बारे में अपने विचार रखे और वालंटियर्स को एड्स होने के कारणों, इसके लक्षणों एवं इससे बचाव के तरीकों बारे व्यावहारिक जानकारी दी।
इस अवसर पर कुलपति के सचिव वीपी नांदल, डाॅ. माया मलिक, डाॅ. सुशीला, डाॅ. अनीता फौगाट, डाॅ. ज्योति, योगिता सुमन आदि एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी सहित एनएसएस वालंटियर्स उपस्थित रहे।