आउटसोर्सिंग के विरोध में उतरे रोडवेज कर्मचारी, सौंपा ज्ञापन
हरियाणाराज्य परिवहन विभाग के कर्मचारी सरकार के आउटसोर्सिंग भर्ती के फैसले के विरोध में उतर आए हैं। इसी कड़ी में बृहस्पतिवार सुबह डिपो परिसर में प्रदर्शन कर रोष जताया। कर्मचारियों ने डिपो महाप्रबंधक को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।
हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन संबंधित सर्व कर्मचारी संघ ने डिपो कार्यशाला में बैठक कर सरकार की आउटसोर्सिंग नीति की निंदा की। इसके बाद बस अड्डा परिसर में नारेबाजी करते हुए सभी जीएम से मिलने उनके कार्यालय पहुंचे। यहां राज्य महासचिव धर्मवीर हुड्डा ने ठेका प्रथा नीति बंद होनी चाहिए। यह दास प्रथा कर्मचारियों का शोषण कर रही है।
डिपो खासकर वर्कशाप में पद रिक्त पड़े हैं। इन स्थाई भर्ती की जाए। यूनियन नेता जितेंद्र लाकड़ा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने 2012 में लोगों से कर्मशाला में बोर्ड के जरिए 636 पदों पर पक्की भर्ती के नाम पर करोड़ों रुपए ऐंठे।
ड्राफ्ट के माध्यम से सरकारी खजाने में यह रमक जमा हुई। इसके बावजूद उन्हें नौकरी नहीं मिली। अब आठ फरवरी 2016 को महानिदेशक हरियाणा राज्य परिवहन ने सभी महाप्रबंधकों को डीसी रेट पर भर्ती करने के आदेश दिए हैं। यह गलत है।
सरकार की हठधर्मिता बर्दाश्त नहीं
यूनियनके डिपो सचिव जयकवार दहिया ने कहा कि सरकार हठधर्मिता पर अड़ी हुई है। कर्मचारी इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। डीसी रेट पर किसी भी जिले में एक भी कर्मचारी रखा गया तो आंदोलन किया जाएगा। यूनियन 12 फरवरी को सुखपुरा चौक स्थित कर्मचारी भवन में कार्यकर्ताओं की कन्वेंशन में घोषणा आगामी आंदोलन की घोषणा की जाएगी। इस मौके पर जिला सचिव सुमेर सिवाच, सुरेंद्र मलिक, सतबीर मुंढाल, सतीश बोहर, सुरेश, तसवीर हुड्डा, ओमवीर हुड्डा, राजवीर, रूधन सिंह, प्रदीप मैकेनिक, वेद, राजबीर सिंह, बादल मौजूद रहे।
रोहतक. हरियाणारोडवेज वर्कर्स यूनियन के सदस्य मांगों को लेकर प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी करते हुए।
हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन संबंधित सर्व कर्मचारी संघ ने डिपो कार्यशाला में बैठक