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जाट शिक्षण संस्थाओं में बनेगा एक हजार की क्षमता वाला ऑडीटोरियम

5 वर्ष पहले
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सोच में समानता से ही बन सकते हैं हर पड़ोसी देश से मधुर संबंध : बीरेंद्र सिंह

आजयुवाओं को प्रादेशिक या राष्ट्रीय स्तर पर नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की स्पर्धा के अनुसार खुद को तैयार करना होगा। बदलते परिप्रेक्ष्य में कदम से कदम मिलाकर चलने की जरूरत है तभी जिंदगी में कामयाब हो सकोगे। बरसों पहले चौधरी छोटूराम ने भी नई सोच के साथ कमेरे वर्गों की बेहतरी के लिए संजीदगी से उल्लेखनीय कार्य किए। ये विचार केन्द्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री चौ. बीरेन्द्र सिंह ने चौ. छोटूराम के 135वें जन्मोत्सव पर जाट स्कूल के परिसर में आयोजित दो दिवसीय समारोह में समापन अवसर पर कहे। उन्होंने प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जाट शिक्षण संस्थाओं में एक हजार लोगों के बैठने की क्षमता का बड़ा ऑडिटोरियम बनाया जाना चाहिए। इसके निर्माण शुरू करने के लिए मैं अपने निजी कोष से 20 लाख रुपए की राशि दूंगा। वहीं प्रदेश सरकार अन्य स्रोतों से मदद लेकर इसका निर्माण पूरा कराया जाएगा। संस्था के प्रतिनिधि इसका खाका तैयार कर मुझसे मिल सकते हैं। मेरा सपना है कि अपनी संस्था के इस बड़े ऑडिटोरियम में भाषण दूं।संस्था प्रतिनिधि इस बड़े ऑडिटोरियम की रूपरेखा तैयार करें और इसके निर्माण में मेरा पूर्ण सहयोग मिलेगा।उन्होंने युवाओं को आज के तेजी से बदल रहे और प्रतिस्पर्धी युग में तैयार रहने के लिए कहा। भाषा के सही उच्चारण पर ध्यान देना भी बहुत जरूरी है क्योंकि यह हमारे बच्चों की बड़ी कमजोरी है। जाट शिक्षण संस्थाओं के बारे में चौधरी बीरेंद्र सिंह ने कहा कि 103 साल पुरानी इन संस्थाओं का देशभर में नाम है। उन्होंने कहा कि मेरे केन्द्रीय मंत्री तक पहुंचाने में भी सबसे ज्यादा योगदान इन संस्थाओं का रहा है। मेरी प्राथमिक शिक्षा जाट स्कूल से हुई और यहीं मेरे व्यक्तित्व के विकास को आधार मिला। समारोह में गायक राधेश्याम सैनी ने चौधरी छोटूराम की जीवनी से ओतप्रोत कई रागनियां सुनाकर सभी को भावविभोर कर दिया। समारोह में जाट शिक्षण संस्था के प्रशासक डीके बेहेरा, दूसरे दिन के समारोह के सभापति डॉ. एचएस कमल, पूर्व कुलपति एचएस चहल, जाट संस्था के पूर्व प्रधान राजसिंह नांदल, अमित काजल, सुधीर फौगाट, रिटायर प्रोफेसर चरण सिंह, डॉ. सुरेखा खोखर, वीके तोमर, डॉ. दयानंद मलिक, राजवीर सिंह, डॉ. आनंद देशवाल, डॉ. सुरेंद्र कुमार मलिक, डॉ. कृष्णा चौधरी, इंजी. बलजीत सिंह हुड्डा, रामभज बजाड़, सुमनलता श्योराण, डॉ. नवनीत अहलावत, डॉ. नरेश देशवाल सहित सभी स्कूल कॉलेजों के स्टाफ सदस्य विद्यार्थी उपस्थित रहे। मंच संचालन डॉ. सुशीला धनखड़, डॉ. रामेन्द्र हुड्डा, डॉ. नीलम मलिक, डॉ. आनंद देशवाल ने किया। निर्णायक मंडल में डॉ. शीलकराम ढुल, डॉ. जोगेन्द्र अहलावत, डॉ. यशपाल गहलोत, डॉ. रघुवेंद्र मलिक, डॉ. एमएस चाहर, डॉ. शक्ति सिंह, डॉ. वेदप्रकाश श्योराण, डॉ. नरेश राठी, डॉ. अब्बू सारिया रहे।

जाटहीरोज कैलेंडर का लोकार्पण

केंद्रीयग्रामीण एवं पंचायती राज मंत्री चौ. बीरेन्द्र सिंह ने जाट कॉलेज के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा प्रकाशित ‘जाट हीरोज’ समाचार पत्र के विशेष अंक का लोकार्पण किया। इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि चौ. छोटूराम भी एक पत्रकार थे और अपनी बातों को लेखनी के जरिए लोगों तक पहुंचाते थे। यह ‘जाट हीरोज’ दीनबंधु छोटूराम की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करेगा। केंद्रीय मंत्री चौ. बीरेन्द्र सिंह ने चौ. छोटूराम जन्मोत्सव समारोह के कैलेंडर का भी लोकार्पण किया।

हनुमनथप्पा की शहादत को किया सलाम

^बीरेंद्रसिंह ने सियाचिन में हिमस्खलन का शिकार हुए लांस नायक हनुमनथप्पा की शहादत को भी सलाम किया। उन्होंने कहा कि हनुमनथप्पा की शहादत पर गर्व है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमारे देश के जवान 20-20 हजार फीट की ऊंचाई पर देश की सुरक्षा कर रहे हैं। हमें देश के सभी जवानों पर नाज है। उन्होंने कहा कि सियाचिन में शहीद हुए जवानों की कुर्बानी युद्ध के दौरान शहीद होने वाले जवानों के ही समान है।

विजेताओं के साथ केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री बीरेन्द्र सिंह साथ हैं जाट शिक्षण संस्थाओं के प्रकाशक एवं उपायुक्त श्री डीके बेहेरा अन्य।

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