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बेटियों को बचाने, पढ़ाने सम्मान दिलाने को आगे आई नरवाल खाप

5 वर्ष पहले
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बेटियोंको बचाने, पढ़ाने और सम्मान दिलाने के लिए नरवाल खाप ने जिम्मा संभाला है। खाप चौधरियों ने कहा है कि उत्तर भारत में फैले नरवाल गोत्र के गांवों में एक भी बेटी बिना पढ़ाई के नहीं रहेगी। बेटियों को लेकर नरवाल खाप उत्तर भारत के 400 गांवों में जनजागरण अभियान छेड़ेगी। इसकी रूपरेखा बनाने के लिए उत्तर भारत में आने वाले प्रदेशों से नरवाल खाप के प्रतिनिधि सीएम सिटी करनाल में 14 फरवरी को जुटेंगे। आधी दुनिया को बचाना है कार्यक्रम में बेटियों को उनका हक दिलाने के लिए प्रस्ताव पास किए जाएंगे।

नरवाल खाप के राष्ट्रीय अध्यक्ष भलेराम नरवाल ने बताया कि करनाल के सेक्टर 13 के नजदीक जाट भवन में हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, यूपी, जम्मू कश्मीर और उत्तराखंड की नरवाल खापों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। इस कार्यक्रम में बेटियों को पढ़ाने-लिखने से लेकर उनकी सुरक्षा जैसे मुद्दों पर मंथन किया जाएगा।

घरसे शुरुआत, इसके बाद जाएंगे दूसरी खापों के पास

कार्यक्रममें हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, यूपी, जम्मू कश्मीर और उत्तराखंड की नरवाल खापों के प्रतिनिधि अपनी-अपनी राय देंगे। रायशुमारी और मंथन के बाद रूपरेखा तैयार की जाएगी। इस कार्यक्रम को तय सीमा में शुरू करके आधी दुनिया को बचाने और आगे बढ़ाने की नरवाल खाप पहल करेगी। भलेराम नरवाल का कहना है खापों के द्वारा इस तरह का यह पहला कार्यक्रम होगा। इस साल में उत्तर भारत के नरवाल गोत्र के गांवों को लेने का प्लान है। इस कार्यक्रम के बाद अन्य गोत्र की खापों के लिए नरवाल खाप एक उदाहरण पेश करेगी।

जाट भवन में नरवाल खाप के पदाधिकारी 400 गांव में बेटियों संबंधी अभियान छेड़ने के लिए बैठक करते हुए।

ये होंगे कार्यक्रम के मुख्य मुद्दे

{उत्तरभारत के सूबों में नरवाल गौत्र के गांवों में हर बेटी को स्कूल तक पहुंचाना है।

{इस सभी गांवों के लिंगानुपात के ताजा आंकड़ों की सूची बनाकर इसमें सुधार करवाना है।

{बेटी के जन्म पर थाली बचाने की परंपरा शुरू करना है।

{दहेज लेने-देने पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।

{महिलाओं के उत्पीड़न करने वालों पर सामाजिक दबाव बनाकर उत्पीड़न पर रोक लगाना है।

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