पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Haryana
  • Rohtak
  • जवाब मांगा गया तो डीओ ने डिस्पेंसरियों पर फोड़ा ठीकरा

जवाब मांगा गया तो डीओ ने डिस्पेंसरियों पर फोड़ा ठीकरा

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
रोहतक। खुले मैदान में नियमों को ताक पर रख बांटी गई आयुर्वेदिक दवाओं में कुत्तों के मुंह डालने का मामला गरमा चुका है। मीडिया की सुर्खियां बनने के तीन दिन बाद इस घटना को लेकर पंचकूला स्थित आयुष विभाग के मुख्यालय से जवाब तलब किया गया है।
निदेशक डॉ. साकेत कुमार ने जिला आयुष अधिकारी डॉ. सुषमा नैन को पत्र लिखकर घटना पर स्पष्टीकरण मांगा है। इस आदेश के बाद पूरे विभाग में हलचल मच गई है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के ड्रीम प्रोजेक्ट को लेकर सामने आई लापरवाही ने विभाग के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। उधर, डॉ. नैन ने गलती स्वीकार करते हुए भविष्य में दवाएं उन्हीं के कार्यालय से बांटने की बात कही। उन्होंने कहा कि खुले में दवाएं छोड़ने वाले डिस्पेंसरी वालों पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, डिस्पेंसरी वालों का कहना है कि अधिकारी खुद का बचाव करते हुए जानबूझकर उन्हें फंसा रहे हैं, जबकि दवाएं बांटने में उनका कोई हस्तक्षेप नहीं है। रहा सवाल कुत्तों का तो खुले मैदान में दवाएं रखने का फैसला अधिकारियों का था।

डेढ़ वर्ष बाद आयुष विभाग के पास दवाएं आई थी। आनन-फानन में छुट्टी वाले दिन शनिवार को वेयर हाउस खुलवाकर सुखपुरा चौक स्थित एएनएम कॉलेज के ग्राउंड में रखकर उन्हें बंटवाया गया। आलम यह था कि मैदान का माहौल किसी सब्जीमंडी से काम नहीं था। यहीं पर जमीन पर पड़ी दवाओं में कुत्ते मुंह मारते रहे।
दो वर्ष बाद दवाएं खरीदीं गई थी। इसलिए समय रहते डिस्पेंसरी तक इन दवाओं को पहुंचाना जरूरी है। हालांकि रोहतक में दवा वितरण के वक्त जो घटना हुई है, उस पर डीओ से जवाब मांगा है। इसके बाद ही अग्रिम कार्रवाई होगी।

- डॉ. साकेत कुमार, निदेशक, आयुष विभाग, पंचकूला
^दवा वितरण में लापरवाही हुई है। इसके लिए संबंधित अधिकारी व डिस्पेंसरी वालों को नोटिस दिया जाएगा। फिलहाल के लिए दवाएं डीओ ऑफिस से बांटी जाएंगी। साथ ही वेयर हाउस में दवाएं बांटने की अनुमति के लिए पत्र लिखा है। पंचकर्म केंद्र के लिए भी डीसी से बात करूंगी।
- डॉ. सुषमा नैन, जिला आयुष अधिकारी
खबरें और भी हैं...