पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

2 डॉक्टर और 8 कर्मी मिले गैरहाजिर, डिस्पेंसरी पर ताला

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
रोहतक. कायाकल्प में अव्वल आने वाले सिविल अस्पताल की अपनी व्यवस्था बीमार है। इसे सुधारने के लिए सख्ती की सर्जरी की जरूरत है। इसी कड़ी में सीएमओ ने सोमवार को सिविल अस्पताल का दौरा किया गया। इस दौरान कई खामियों समेत स्टाफ नदारद मिला। इनमें दो महिला डॉक्टरों समेत 10 कर्मचारी शामिल हैं। वहीं, सेक्टर 14 स्थित डिस्पेंसरी पर समय से पहले ही ताला लटका मिला।
 
सीएमओ ने व्यवस्था दुरुस्त बनाने के लिए अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ बात कर जरूरी निर्देश दिए। खामियों को लेकर उनसे जवाब तलब किया है। उपायुक्त ने भी अपने 2 फरवरी के दौरे के बाद कर्मचारियों की लापरवाही की एसीएस को शिकायत भेजी है। 

नवजात बच्चों के आधार बनवाने में पीछे
सोमवार सुबह नौ बजे सीएमओ डॉ. दीपा जाखड़ सिविल अस्पताल पहुंची। यहां व्यवस्था का जायजा लेते हुए हर चीज को खंगाला। सीएमओ को करीब तीन घंटे के औचक निरीक्षण में ढेरों खामियां नजर आई। इनमें कहीं रिकॉर्ड पूरा नहीं मिला तो कहीं स्टाफ। लेबर रूम की एडमिशन फाइलें अधूरी मिली। इनमें मरीज की पूरी जानकारियां दर्ज नहीं होने पर संबंधित अधिकारी को फटकार लगाई। जन्म के तुरंत बाद शिशु के आधार लिंक मामले भी पेंडिंग मिले। यह काम सिविल अस्पताल के कारण जिले में करीब 92 प्रतिशत पर ही अटका है। यहां व्यवस्था दुरुस्त होने पर यह शत प्रतिशत हो सकता है। 

चौकी बनवाने की मांग 
अस्पताल व स्टाफ की सुरक्षा को लेकर वहां पुलिस चौकी बनाए जाने की मांग एक बार फिर उठी है। सीएमओ ने माहौल को देखते हुए इस बारे में एसपी से आग्रह किया है। अस्पताल परिसर की पुरानी चौकी दोबारा शुरू कर लोगों को सुरक्षा का माहौल दिया जा सकता है।
 
टेक्नीशियन नहीं ले पाया डीसी का ब्लड सैंपल
जिला उपायुक्त दो फरवरी को सिविल अस्पताल गए थे। यहां उन्हें रुटीन जांच के साथ अपना चेकअप कराना था। इस दौरान उन्हें व्यवस्था लचर मिली। टेक्नीशियन डीसी का तीन बार में भी ब्लड सैंपल नहीं ले पाया। ग्लुको मीटर से शुगर जांचने का प्रयास किया तो मीटर खराब मिला। इससे नाराज होकर डीसी वहां से चले गए। बाद में इस बारे में एसीएस को लिखित शिकायत भेजी। इसमें अस्पताल की व्यवस्था अपडेट नहीं होने की बात कही गई है। 
 
गैरहाजिर कर्मचारियों से सीएमओ ने मांगा जवाब
सीएमओ को स्टाफ के सदस्य ड्यूटी से नदारद मिले। इनमें दो महिला डॉक्टर, दो फार्मासिस्ट, दो ऑप्थोमोलोजी असिस्टेंट, तीन एलटी व एक रेडियोग्राफर शामिल हैं। लापरवाही बरतने वाले इन कर्मचारियों के नाम की सूची मांगने के साथ अधिकारी को व्यवस्था दुरुस्त करने के सख्त निर्देश दिए। सीएमओ ने अस्पताल में शाम के समय एसएमओ का दौरा सुनिश्चित किया हुआ है। इस संबंध में पत्र भी जारी किया गया है। इसके बावजूद एसएमओ राउंड नहीं कर रहे हैं। इस बारे में जानकारी मिलने के बाद सीएमओ ने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया है। ऐसा नहीं करने पर उच्चाधिकारियों से शिकायत की जाएगी।
 
सेक्टर 14 की डिस्पेंसरी एक घंटा पहले की बंद
सिविल अस्पताल के अलावा सीएमओ ने शहर की सेक्टर 14 की डिस्पेंसरी, सीएचसी किलोई, कलानौर, काहनौर, पाकस्मा में भी टीमें भेजी। इस दौरान सेक्टर 14 की डिस्पेंसरी पहुंचे डॉ. दिनेश को यहां ताला लटका मिला। चूंकि डिस्पेंसरी का समय सुबह नौ बजे से दोपहर तीन बजे तक का है। ऐसे में वहां स्टाफ होना चाहिए, जबकि दोपहर दो बजे ही वहां ताला लगा मिला। इसके लिए डिस्पेंसरी के स्टाफ से जवाब मांगा गया है। सीएचसी पर व्यवस्था दुरुस्त मिली। सीएचसी किलोई व पाकस्मा में डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. राजबीर व कलानौर और काहनौर में डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. सत्यवान गए।
खबरें और भी हैं...