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3 वर्षों में बढ़ा रेप व छेड़छाड़ के झूठे केसों का सिलसिला, हर तीसरा केस हुआ कैंसिल

कुछ वर्षों से महिला विरुद्ध अपराधों को लेकर सरकार कोर्ट जितनी सख्त हुई है, इन कानूनों की आड़ में निजी स्वार्थ रंजिशन लोगों को फंसाने का ग्राफ उतना ही बढ़ा है।

Danik Bhaskar | Oct 07, 2016, 05:47 AM IST
रोहतक. कुछ वर्षों से महिला विरुद्ध अपराधों को लेकर सरकार कोर्ट जितनी सख्त हुई है, इन कानूनों की आड़ में निजी स्वार्थ रंजिशन लोगों को फंसाने का ग्राफ उतना ही बढ़ा है। पुलिस के आंकड़ों पर गौर करें तो दुष्कर्म और छेड़छाड़ के फर्जी मामलों में पिछले तीन वर्षों से एकाएक बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2014 से अब तक दुष्कर्म का हर चौथा और छेड़छाड़ का हर तीसरा केस फर्जी दर्ज हुआ। इन तीन वर्षों में दुष्कर्म के अब तक 174 केस दर्ज हुए, जिनमें से 42 कैंसिल हुए, वहीं छेड़छाड़ के 386 मामलों में एफआईआर दर्ज हुई जिनमें 107 झूठे पाए गए। अपराधों के ग्राफ में कमी बेशक आई हो, लेकिन झूठे मुकदमे दर्ज करवाने की बढ़ रही मानसिकता समाज के साथ पुलिस के लिए भी किसी चुनौती से कम नहीं हैं।

2010से 13 के बीच 10 फीसदी से भी कम केस हुए कैंसिल : पुलिसके आंकड़ों के मुताबिक छेड़छाड़ के 10 फीसदी केस फर्जी पाए गए, जबकि दुष्कर्म के 8 से 10 फीसदी मामले ही जांच के दौरान कैंसिल किए गए। इससे जाहिर है कि इन पांच वर्षों में महिलाओं के विरुद्ध अपराध तो लगभग आज के बराबर ही था, लेकिन उनमें झूठे केस दर्ज कराने का आंकड़ा उतना ही निम्न था। पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज आंकड़ों के अनुसार 2010 से 13 तक दुष्कर्म के 219 केस दर्ज हुए, जिनमें सिर्फ 23 ही फर्जी पाए गए। इसी तरह छेड़छाड़ के 145 मामलों में एफआईआर दर्ज हुई, जिसमें महज 32 ही कैंसिल हुए।

महिलाथाने की कर्मचारी भी ब्लैकमेलर गिरोह में शामिल : हालही में रेप का केस दर्ज कराकर ब्लैकमेल करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करने के बाद खाकी भी शर्मसार हुई है। जींद निवासी दंपति हिसार के महिला-पुरुष के बाद सिटी थाना पुलिस ने गिरोह के हिसार निवासी एक और सदस्य को गिरफ्तार किया है। वहीं, जांच में सामने आया है कि गिरोह में रोहतक के महिला थाने की एक पुलिस कर्मचारी शामिल है। विभागीय जानकारी के अनुसार कर्मचारी को गिरफ्तार करने के लिए उसके खिलाफ सबूत जुटाए जा रहे हैं।

ये भी चर्चित झूठे मामले
व्हाट्सएपपर फंसाते थे अमीर घरानों के लड़कों को : जून2015 में पुलिस ने रेप का जूठा केस दर्ज कराकर ब्लैकमेल करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर दो महिलाओं सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। गिरोह अमीर घराने के लड़कों को व्हाट्सएप पर चेटिंग के जरिए अपने जाल में फंसाता और फिर करोड़ों रुपए में ब्लैकमेलिंग करता। जनता कॉलोनी निवासी व्यापारी को फंसाकर दो करोड़ रुपए समझौते की एवज में मांगे थे। इससे पहले भी पांच लोगों को गिरोह ने फंसाकर ब्लैकमेल किया था। गिरोह में एनजीओ सदस्य, वकील कथित पत्रकार भी शामिल थे।
ज्वैलर्सके खिलाफ केस दर्ज, तीसरे ही दिन गलत बताया : करीबपांच माह पहले एक महिला ने जनता कॉलोनी निवासी एक ज्वैलर्स के खिलाफ रेप का मामला दर्ज कराया। उसने आरोप लगाया कि वह किराए के लिए कमरा देखने गई थी। इसी दौरान मकान मालिक ने उसे कमरे में खींचकर दुष्कर्म किया। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी थी, लेकिन एकाएक नाटकीय घटनाक्रम में पीड़ित महिला ने गलतफहमी में केस दर्ज कराने की बात कहकर आरोपी के पक्ष में शपथ-पत्र दे दिया।
वर्ष 2016 2015 2014 2013 2012 2011 2010
दुष्कर्म 49-11 54-18 71-14 66-8 40-2 61-8 52-5
छेड़छाड़ 98- 31 190-57 98-19 57-7 24-4 38-10 26-1
(वर्ष के अनुसार मामले दर्ज और कैंसिल)