लाखनमाजरा। लाखनमाजरा में एक पाइपलाइन को बिछाने को लेकर विवाद की स्थिति बन गई है। किसानों ने इस कार्रवाई को अवैध बताते हुए सीएम विंडो से लेकर उपायुक्त और
सिंचाई विभाग के उच्च अधिकारियों को शिकायत देकर निष्पक्ष जांचकर दोषियों को सजा देने की गुहार लगाई है।
ग्रामीण इंद्र, रामनिवास, कृष्ण, विजेंद्र, महेंद्र, जयबीर, जगबीर, बलवान, रामकुमार, संदीप, शीलकाराम, नरेश, जगदीश नम्बरदार आदि किसानों ने बताया कि राजनैतिक पहुंच व रसूखदार लोगों द्वारा अवैध रूप से पाइपलाइन बिछाई जा रही है। इसका किसानों ने विरोध करते हुए शिकायत दर्ज की है।
किसानों ने कहा कि बिछाई जा रही लाइन को लेकर किसान कृष्ण ने विरोध किया तो पैमाइश के लिए आये रिटायर्ड कानूनगो ने जो कागजात पेश किए उसमें किसी भी खेत के पड़ोसी, चौकीदार, वन विभाग व सिंचाई विभाग कर्मी की मौजूदगी नहीं दिखाई गई। जिनकी मौजूदगी दिखाई गई है उनकी कोई भी जमीन व हिस्सेदारी उक्त जगह नहीं है।
जीरो टॉलरेंस के दावे ध्वस्त
सरकार द्वारा किए जा रहे, जीरो टॉलरेंस के दावे इस मामले में फेल नजर आ रहे हैं। सभी सबूत व दस्तावेज सहित की जा रही जांच की मांग पर ही कोई कार्रवाई नहीं हो पाना इस बात का सबसे बड़ा सबूत है। हमने विभागीय अधिकारियों से लेकर सीएम विंडो तक शिकायत कर चुके हैं। मगर जांच के नाम पर काम हुआ है।
- कृष्ण कुमार, किसान लाखनमाजरा।
डेढ़ साल पहले सिंचाई विभाग की जमीन में दबाई लाइन
आरोपियों द्वारा डेढ़ साल पहले भिवानी सब ब्रांच की पगडंडी में अवैध रूप से पाइपलाइन बिछाई गई थी। इसका आरटीआई से संज्ञान लिया गया। इसके फलस्वरूप उक्त पाइपलाइन को विभाग द्वारा उखाड़ा गया। जो इस मामले में हो रही लापरवाही को प्रदर्शित करती है।
- दयानंद राठी, पूर्व चेयरमैन ब्लॉक समिति लाखनमाजरा।
अवैध रूप से की गई है रेलवे लाइन से क्रॉसिंग
बिछाई गई पाइपलाइन की दिल्ली से बठिंडा रेलवे लाइन की क्रासिंग फर्जी कागजातों के आधार पर की गई है। लाखनमाजरा में हो रहे नालों के निर्माण में रेलवे क्रॉसिंग की एवज में 76 लाख का एस्टीमेट व 2 साल का समय दिया गया। वहीं तीन दिन में रेलवे क्रॉसिंग हो जाना संदेह के दायरे में है। जिसकी जांच जरूरी है। -देवेन्द्र, पंच।