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एक लाख लूटकर रिटायर्ड लेक्चरर को फेंका, दो दिन में चौथी वारदात

7 वर्ष पहले
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रोहतक। शनिवार को बैंक से एक लाख रुपए निकालने के बाद लापता हुए रिटायर्ड लेक्चरर 24 घंटे बाद रविवार सुबह बैंक के पीछे स्थित कॉलोनी में बेहोश मिले, जिसे परिजनों ने पीजीआई में भर्ती कराया। गुमशुदगी दर्ज करने के बाद अर्बन एस्टेट पुलिस ने घटनास्थल सिविल लाइन होने के कारण मामला वहीं ट्रांसफर कर दिया। इसके बाद सिविल लाइन एसएचओ बयान दर्ज करने पीजीआई पहुंचे, लेकिन बेहोशी की हालत में होने के कारण सफलता नहीं मिल सकी।
आजादगढ़ निवासी रिटायर्ड लेक्चरर 62 वर्षीय ओमकार शर्मा शनिवार सुबह 11 बजे कोर्ट परिसर के पास स्थित एसबीआई की मेन ब्रांच से एक लाख रुपए निकालने आए थे। शाम तक न लौटने पर परिजनों ने तलाश की तो बैंक के पास साइकिल तो खड़ी मिल गई, लेकिन लेक्चरर का कुछ पता नहीं लगा। परिजन रातभर से तलाश कर रहे थे कि किसी ने एक वृद्ध के एसबीआई की मुख्य शाखा के पीछे स्थित कॉलोनी में पड़े होने की सूचना दी। परिजनों ने जाकर देखा तो वह ओमकार शर्मा निकले।

ये सामान मिला गायब
ओमकार शर्मा के पुत्र संदीप ने बताया कि उसके पिता घर से निकलते वक्त चेकबुक में 1 लाख रुपए निकालने की डिटेल भरकर गए थे। इसके अलावा एचटीएम के द्वारा निकाली डिटेल में भी एक लाख रुपए निकले दर्शाए गए हैं। उनके पास करीब 17सौ रुपए, सोने की अंगूठी, ड्राइविंग लाइसेंस था जोकि उनके पास से गायब मिला।

हाथ धरे बैठी रही पुलिस : पीड़ित के भाई के बयान पर गुमशुदगी दर्ज करने के बाद पुलिस ने तलाशने का आश्वासन दिया।

9 घंटे बाद किया मौका मुआयना : ओमकार शर्मा रविवार सुबह 8 बजे बैंक के पीछे कॉलोनी में पड़े मिले, लेकिन सूचना के बाद भी पुलिस ने खुद मौका मुआयना करना मुनासिब नहीं समझा। रविवार शाम 5 बजे पीड़ित का पुत्र संदीप दोबारा से घटनास्थल पर पहुंचा तो वहां पिता का चश्मा, पेन व खुले पैसे पड़े देख पुलिस को सूचना दी। इसके बाद ही सिविल लाइन पुलिस मौके पर पहुंची और सामान संदीप को सौंपा।
पीड़ित के भाई की शिकायत पर गुमशुदगी दर्ज कर ली गई थी, लेकिन घटनास्थल सिविल थाना क्षेत्र में होने के कारण मामला वहीं ट्रांसफर कर दिया गया है।
-राजेंद्र सिंह, अर्बन एस्टेट थाना प्रभारी

मामला जानकारी में है। पीड़ित के बयान दर्ज करने पीजीआई गए थे, लेकिन बेहोशी की हालत में बयान दर्ज नहीं हो सके। होश में आने पर करेगे पूछताछ। आरोपियों तक पहुंचने के लिए सीसीटीवी फुटेज की मदद ली जाएगी।
-वजीर सिंह, सिविल लाइन थाना प्रभारी
(फोटो- पीजीआई में भर्ती ओमकार शर्मा बेटे के साथ।)