रोहतक. सेवा, सुरक्षा और सहयोग का दंभ भरने वाली हरियाणा पुलिस को पानीपत से रोहतक के बीच ७० किमी की दूरी तय करने में डेढ़ दिन लग गया। पानीपत निवासी युवक की शुक्रवार को सुबह हुई मौत के बाद उसका शव सर्जिकल वार्ड की गैलरी में केवल इसलिए पड़ा रहा, क्योंकि उसे रिसीव करने के लिए पुलिस ही नहीं पहुंची। गैलरी में शव पड़ा होने से मरीजों व तीमारदारों को शव के बराबर से होते हुए गुजरना पड़ा।
हुआ यूं कि पानीपत के शेखुपुरा गांव निवासी मनीष का बाबरपुर के पास सड़क हादसे में 21 जनवरी को गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे परिजनों ने पहले पानीपत के सामान्य अस्पताल और उसके बाद शहर के एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया। मनीष के चाचा धर्मपाल और रिश्तेदार सत्यवान ने बताया कि प्राइवेट अस्पताल में दो दिन के भीतर ही करीब 70 हजार रुपए का बिल बना दिया गया, जबकि मनीष की हालत और अधिक गंभीर होती चली गई।
इस पर निजी अस्पताल से उसे पीजीआई में 23 जनवरी को लेकर आए। पीजीआई के सर्जिकल वार्ड की 4 नंबर यूनिट में बेड नंबर 56 पर मनीष ने 24 जनवरी शुक्रवार को सुबह करीब 8 बजे उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर उसका शव कपड़े से ढक कर स्ट्रेचर पर शौचालय के सामने रखवा दिया।