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ब्लड कैंसर से पीड़ित बच्ची की मौत, परिजनों ने किया डॉक्टर पर हमला

7 वर्ष पहले
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(पीजीआई में डॉक्टरों की हड़ताल के बाद बीमार अतुल को वापस ले जाते परिजन।)
रोहतक। पीजीआई के वार्ड नंबर 14 में ब्लड कैंसर से जूझ रही 14 वर्षीय अंकिता की मौत के बाद परिजनों ने शुक्रवार देर रात 10.30 बजे डॉक्टर जसबीर पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। इस हमले में डॉक्टर का हाथ जख्मी हो गया। इस बात से नाराज पीजीआई के डॉक्टर सामूहिक रूप से काम का बहिष्कार कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए।
डॉक्टरों ने नारेबाजी करते हुए पीजीआईएमएस के आपातकालीन विभाग के सामने धरना दे दिया। करीब तीन घंटे के इस विरोध के बाद डॉक्टरों ने शनिवार सुबह 9 बजे पीजीआईएमएस के विजय पार्क में हड़ताल जारी रखने का फैसला लिया है। वहीं रेजिडेंट डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने से मरीजों की हालत बिगड़ गई। इससे परेशान मरीजों के परिजनों ने डॉक्टरों को खूब कोसा।
यूं चला घटनाक्रम

दरअसल शुक्रवार रात साढ़े 9 बजे वार्ड नंबर 14 में तीन महीने से ब्लड कैंसर की लास्ट स्टेज से गुजर रही सोनीपत के गांव बिलबिलान की किशोरी अंकिता की हालत बिगड़ गई। उसे पूरे शरीर में असहनीय दर्द शुरू हो गया। ये हालत देखकर उसके पिता आनंद ने वार्ड में तैनात सीनियर रेजीडेंट डॉक्टर जसबीर को सूचना दी। डॉक्टर ने अंकिता को दर्द का इंजेक्शन दिया फिर भी कोई राहत न मिलते देख पिता के सब्र का बांध टूट गया। उसने डॉक्टर जसबीर को दोबारा इंजेक्शन लगाने को कहा।
इस बात पर डॉक्टर ने बच्ची को दोबारा इंजेक्शन लगाने से मना कर दिया। अंकिता के पिता और डॉक्टर के बीच इस बात को लेकर झड़प शुरू हो गई कि वह किसी तरह से अंकिता को इंजेक्शन का और डोज दे दें ताकि उसे दर्द से निजात मिल सके, लेकिन रात साढ़े दस बजे अंकिता की मौत हो गई। अंकिता के जिस्म में कोई हरकत न होती देख पिता ने उसे झंझोड़ा। बेटी को मृत पाकर अंकिता के पिता ने आपा खो दिया और उसने धारदार औजार से डॉक्टर जसबीर पर हमला बोल दिया। इस हमले में डॉ. जसबीर का हाथ बुरी तरह जख्मी हो गया। इससे पूरे अस्पताल प्रबंधन को हिलाकर रख दिया।
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