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भाजपा ने गोहाना से प्रत्याशी बदला, जयसिंह के जगह रामचंद्र जांगड़ा मैदान में, हंगामा

7 वर्ष पहले
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रोहतक. भाजपा ने गोहाना सीट से घाेषित उम्मीदवार जयसिंह ठेकेदार को बदल दिया। उनकी जगह अब पिछड़ा वर्ग के रामचंद्र जांगड़ा को मैदान में उतारा है। भाजपा सहप्रभारी अनिल जैन ने शुक्रवार को यहां प्रदेश पार्टी कार्यालय में इस बदलाव की घोषणा की। उनके मुताबिक जातीय समीकरण को समझने में पहले चूक हुई थी। उसे सुधारने के लिए यह कदम उठाया गया है। उधर, टिकट बदलने की घोषणा होते ही पिछड़ा वर्ग नेता रमेश कश्यप के समर्थकों ने दिल्ली से आई भाजपा नेत्री उर्मिला चंदेल की अगुवाई में नारेबाजी शुरू कर दी।

डॉ. अनिल जैन ने शाम चार बजे पुराने और नए प्रत्याशियों जयसिंह ठेकेदार तथा रामचंद्र जांगड़ा के साथ पत्रकारवार्ता की। डॉ. जैन ने कहा कि आलाकमान को सूचित किया गया था कि सोनीपत जिले में जातीय समीकरण को समझने में चूक हुई। पार्टी ने पहले घोषित प्रत्याशी ठेकेदार के मान-सम्मान का भरोसा दिया है। चौ. बिरेंद्र सिंह डूमरखां के भरोसेमंद जयसिंह ठेकेदार ने 29 अगस्त को दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में सदस्यता ली थी। वहीं गोहाना सीट पर कांग्रेस ने जगबीर मलिक, इनेलो ने डॉ. केसी बांगड़ और हजकां ने धर्मपाल मलिक को टिकट दिया है। जाट बहुल गोहाना सीट पर साल 2000 में इनेलो द्वारा खेले गए पिछड़ा कार्ड की राह पर भाजपा चल पड़ी है। 2000 में जाट उम्मीदवारों के बीच में पिछड़ा वर्ग से इनेलो प्रत्याशी डॉ. रामकुमार सैनी विधायक बने थे।
बता दें कि अब गोहाना में तीन जाट प्रत्याशी मैदान में है, इसलिए भाजपा ने पिछड़ा वर्ग के व्यक्ति को उतारा है। जयसिंह ठेकेदार लोकसभा चुनाव में सोनीपत से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार थे। जांगड़ा भी 2004 में हरियाणा विकास पार्टी से सांसद का चुनाव लड़ चुके हैं।
भड़के भाजपाई
गोहाना से ही आए पिछड़ा वर्ग के 10-12 पदाधिकारियों ने जिला भाजपा कार्यालय में हंगामा कर दिया। इससे पत्रकारवार्ता भी दो बार बाधित हुई। खुद जयसिंह ने पार्टी के निर्णय का सम्मान करने की बात कही लेकिन जांगड़ा को बाहरी उम्मीदवार बताते हुए कार्यकर्ताओं ने खूब बवाल किया। एससी मोर्चा की पूर्व प्रभारी उर्मिला चंदेल के नेतृत्व में कार्यकर्ता ऊपर पहुंच गए। करीब डेढ़ घंटे तक हंगामा होता रहा। उर्मिला का कहना था कि बाहरी को मंजूर नहीं किया जाएगा।
बीजेपी नेता रविभूषण गर्ग ने छोड़ी पार्टी
कैथल| बीजेपी नेता रविभूषण गर्ग ने शुक्रवार को पार्टी छाेड़ने का ऐलान कर दिया। दो दिन पहले उसने अल्टीमेटम दिया था। वे 34 साल से पार्टी से जुड़े थे। उन्होंने 2005 और 2009 में भाजपा टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा था। लेकिन इस बार राव सुरेंद्र सिंह कैथल सीट से भाजपा प्रत्याशी बनाया गया है। वहीं फरीदाबाद शहरी से टिकट न मिलने से नाराज भाजपा नेता धनेश अधलखा ने अब पार्टी से किनारा कर लिया है। वे निर्दलीय कैंडीडेट के रूप में नामांकन दाखिल करेंगे।
वेद सिंह इनेलो में गए हरिप्रकाश बसपा में
कांग्रेस से 16 अगस्त को भाजपा में गए पूर्व मंत्री वेद सिंह मलिक ने इनेलो में वापसी कर ली तो हजकां-बीएल से कर्मचारी प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष हरिप्रकाश शर्मा बसपा में शामिल हो गए हैं। पूर्व मंत्री वेद सिंह मलिक वर्ष 2007 में इनेलो से कांग्रेस में गए थे। वहां प्रदेश सचिव पद पर संगठन में 2009 में टिकट के दावेदार थे, लेकिन कांग्रेस की टिकट कुलदीप शर्मा को मिली। नामांकन वेद सिंह मलिक ने भी किया, लेकिन सीएम हुड्‌डा के कहने पर वापस ले लिया था।
शुक्रवार को प्रेस वार्ता में मलिक ने कहा कि अब पार्टी में सम्मान नहीं रह गया था। खुद इनेलो सुप्रीमो ने वापस लौटने को कहा तो वे इनकार नहीं कर सके। वहीं रादौर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी पूर्व मंत्री सुभाष चौधरी का विरोध शुरू हो गया है। कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को पूर्व सांसद नवीन जिंदल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका पुतला फूंककर विरोध-प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि पार्टी को बाहरी उम्मीदवार उतारने का खामियाजा भुगतना पड़ेगा। अगर टिकट नहीं बदला गया तो शनिवार को सैकड़ों कार्यकर्ता इस्तीफा दे देंगे।
आमने-सामने
मुझे पार्टी ने जो जिम्मेदारी दी है, उसे मैं पूरी तरह से निभाऊंगा। हर समाज का पूरा ध्यान रखा जाएगा।''
- रामचंद्र जांगड़ा, उम्मीदवार
मेरे ऊपर कोई दबाव नहीं है। बड़ी बात है भाजपा ने मुझे मौका दिया। अब टिकट बदला जा रहा है तो मेरा कोई विरोध नहीं है।''
- जयसिंह ठेकेदार
रोहतक में भाजपा कार्यालय में नेताओं ने बहस करती एससी मोर्चा की पूर्व प्रभारी उर्मिला चंदेल।