रोहतक। बैंक से निकाले एक लाख रुपए व अंगूठी लूटने के बाद रिटायर्ड लेक्चरर को फेंकने का मामला तीसरे दिन भी अनट्रेेस रहा। अभी तक पुलिस बैंक शाखा से सीसीटीवी फुटेज भी नहीं निकाल सकी है, वहीं जहर का पता न लग पाने से उचित ट्रीटमेंट न मिल पाने के कारण पीड़ित रिटायर्ड लेक्चरर की हालत में भी सुधार नहीं हुआ है।
आजाद गढ़ निवासी 62 वर्षीय रिटायर्ड लेक्चरर ओमकार शर्मा शनिवार सुबह 11 बजे कोर्ट परिसर के पास स्थित एसबीआई की मुख्य शाखा में एक लाख रुपए निकालने आए। शाम तक वापस न लौटने पर परिजन तलाश में निकले तो साइकिल बैंक के पास खड़ी मिली, लेकिन ओमकार शर्मा का कोई सुराग नहीं लग सका। रिहायश आजाद गढ़ में होने के कारण अर्बन एस्टेट पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर ली। रविवार सुबह ओमकार शर्मा बैंक के पीछे स्थित कॉलोनी में बेहोशी की अवस्था में पड़े मिले तो घटनास्थल सिविल लाइन थाने का होने के कारण मामला यहां ट्रांसफर कर दिया गया।
बुलाकर कहा, नहीं आया टेक्नीशियन
ओमकार शर्मा के पुत्र संदीप ने बताया कि बैंक के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज निकालने के लिए पुलिस ने बैंक बुलाया था। उससे फुटेज की कॉपी लेने का प्रार्थना पत्र मांगा गया, लेकिन पत्र देते ही बैंक अधिकारी ने टेक्नीशियन न होने का हवाला देते हुए फुटेज दिखाने से असमर्थता जताई। संदीप ने बताया कि दिन भर इंतजार के बाद उसे फिर से सोमवार को सुबह 11 बजे बैंक शाखा में बुलाया गया है।
जहर का नहीं लगा पता
लेक्चरर के परिजनों ने बताया कि डॉक्टरों को अभी तक उस प्वाइजन के बारे में पता नहीं चल सका है, जो बदमाशों ने खाने में मिलाकर ओमकार शर्मा को दिया था। इसी के चलते अभी डॉक्टर इलाज नहीं कर पा रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार अगर बदमाश पकड़े जाएं तो पता चल जाएगा कि उन्होंने कौन सा जहर दिया।
(फोटो- पीजीआई में उपचाराधीन ओमकार शर्मा।)