महम (रोहतक). जिस ऐतिहासिक महम चौबीसी चबूतरे पर जाने कितनी बार ऑनर किलिंग व समगोत्र विवाह के विवाद सुने गए, उस पर पहली बार ऑनर किलिंग रोकने पर चर्चा हुई। इसके लिए देश भर की 140 खापों के प्रतिनिधियों ने राष्ट्रीय सर्वखाप समिति बनाने पर सहमति जताई। यह समिति ही गांव-गांव जाकर समाज में जागरूकता का प्रसार करेगी। खाप पंचायतों ने आधुनिकता और परिवारों के बदले संस्कारों को ऑनर किलिंग का दोषी माना।
बुधवार को पहली राष्ट्रीय सर्वखाप महापंचायत का अध्यक्ष सर्वसम्मति से हाथ उठाकर महम के तुलसी ग्रेवाल को चुना गया। ग्रेवाल ने कहा कि खाप कभी हिंसा के पक्ष में नहीं रही। युवाओं की काउंसलिंग के जरिए ही ऑनर किलिंग पर काबू पाया जा सकता है।
समगोत्र विवाह न कर थैलीसीमिया जैसी भयंकर बीमारियों से भी बचा जा सकता है, जोकि समगोत्र विवाह करने वाले समाज में अक्सर देखी जा सकती है। इस कार्यक्रम में खापों से मात्र तीन महिलाओं राजबाला चहल, पुष्पा धनखड़ व रितु जागलान ने शिरकत की। महिलाओं ने भी संस्कारों के जरिए ऑनर किलिंग पर काबू पाने के विचार रखे। वहीं आईटीएम विवि गुड़गांव से एलएलबी कर रहे 6 शोधार्थियों ने भी हिस्सा लिया।
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