पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Crime, Bribe, Kaithal SHO, Arrest, Police

हो रहा था 13 लाख की रिश्वत का धंधा, बड़े-बड़े अधिकारी फंस गए इस जाल में

8 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
चंडीगढ़. मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सिक्योरिटी में तैनात थानेदार जगदीश राम को चंडीगढ़ विजिलेंस विभाग ने मंगलवार को एक लाख रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। जगदीश राम को चंडीगढ़ सेक्टर-3 में एमएलए हॉस्टल के पास से दबोचा गया। जगदीश राम यह रिश्वत कैथल के एक थाने में तैनात एसएचओ और वहां की क्राइम ब्रांच में तैनात एएसआई जतिंदर कुमार के लिए ले रहा था। रिश्वत की कुल डील 13 लाख रुपए की थी जिसमें से पांच लाख रुपए पहले दिए जा चुके हैं।
चंडीगढ़ के एसपी विजिलेंस राजिंदर सिंह घुम्मन ने बताया कि मौली जागरां के टैक्सी ड्राइवर गुरमीत सिंह ने अपनी शिकायत में कहा कि वह चंडीगढ़ के मनीमाजरा स्थित ट्रेवल एजेंट गुरदयाल सिंह के पास बतौर ड्राइवर काम करता था। गुरदयाल कैथल का रहने वाला था और ठगी के एक मामले में फरार है। कैथल पुलिस ने इस मामले में गुरदयाल के साथ-साथ उसे भी आरोपी बना लिया।
केस से नाम निकालने के लिए मांगी थी घूस
गुरमीत के अनुसार केस से नाम निकालने के लिए कैथल के संबंधित थाने के एसएचओ और सीआईए में तैनात जतिंदर कुमार ने उससे 13 लाख रुपए मांगे। इसमें से पांच लाख रुपए की पहली इंस्टॉलमेंट वह दे चुका है। एएसआई जतिंदर कुमार के कहने पर उसने पांच लाख रुपए की किस्त अप्रैल महीने में सीएम सिक्योरिटी में तैनात थानेदार जगदीश को सौंपी थी। शेष आठ लाख रुपए के लिए एएसआई जतिंदर और एसएचओ उस पर दबाव बना रहे थे, जबकि उसके पास पैसे नहीं थे।
विजिलेंस टीम ने इस तरह बिछाया जाल
गुरमीत की शिकायत पर विजिलेंस ने ट्रैप लगाने की तैयारी की। मंगलवार को पैसे लेने के लिए जब सीएम सिक्योरिटी में तैनात थानेदार जगदीश राम का फोन आया तो गुरमीत ने उसे सेक्टर-3 में एमएलए हॉस्टल के पास बुलाया। जैसे ही गुरमीत ने एक लाख रुपए जगदीश को सौंपे, विजिलेंस टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। कैथल के आरोपी एसएचओ और एएसआई जतिंदर कुमार को गिरफ्तार करने के विजिलेंस टीम कैथल के लिए रवाना हो चुकी थी। आरोपी एसएचओ का नाम पता नहीं चल पाया।