रोहतक. उपचार नहीं मिलने पर पीजीआई के सर्जरी वार्ड में भर्ती मरीज की मौत होने पर परिजनों ने मंगलवार सुबह यहां जमकर हंगामा किया। परिजन 3 घंटे तक मरीज का शव वार्ड में रखकर आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते रहे।
परिजनों ने आरोप लगाया कि सोमवार रात ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने जानबूझकर मरीज का उपचार नहीं किया। वह अपने कमरे में रातभर सोता रहा। डॉक्टरों ने मरीज की फाइल और अन्य कागज भी गायब कर दिए हैं। हंगामे की सूचना अधिकारियों को लगते ही आनन-फानन में सुरक्षा अधिकारी संजय सांगवान पीड़ितों से मिलने पहुंचे। इसके बाद परिजनों ने चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अशोक चौहान से मुलाकात कर आरोपी डॉक्टर के खिलाफ शिकायत सौंपी। डॉ. चौहान ने परिजनों को ठोस कार्रवाई का आश्वासन दिया है। एमडीयू में कर्मचारी पाड़ा मोहल्ला निवासी विक्की पेट दर्द से पीड़ित था। सोमवार सुबह विक्की पीजीआई आया था। यहां डॉक्टरों ने दर्दनिवारक दवा देकर उसे वापस भेज दिया। शाम होते-होते जब उसकी पीड़ा बढ़ने लगी तब आपाधापी में परिजन उसे अस्पताल ले गए। यहां मरीज को सर्जरी वार्ड में भर्ती कराया गया था।
मृतक की मां सरोज ने बताया कि 8 नवंबर की रात को वो अपने बेटे को लेकर अस्पताल आई थी। इमरजेंसी विभाग पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने मरीज को वार्ड नंबर 6 में भर्ती कर दिया। वार्ड में पहुंचने के आधा घंटे तक कोई डॉक्टर उपचार के लिए नहीं आया। जब नर्स से पूछा, तो उसने कमरे की ओर इशारा करते डॉक्टर के बारे में बताया।
सरोज डॉक्टर से मिलने कमरे में गई तो वह सोता मिला। मरीज को देखे बिना ही डॉक्टर ने दवा लिख दी। इंजेक्शन देने के बाद भी डॉक्टर बाहर नहीं आया। रात भर में विक्की को नर्स ने 5 इंजेक्शन लगा दिए। फिर भी उसका दर्द कम नहीं हुआ। अपने बेटे को दर्द से तड़पता देख सरोज फिर से डॉक्टर के पास गई तो डॉक्टर झुलझुला गया। वह बोला कि बार-बार डिस्टर्ब मत करो। बाहर जाओ, दोबारा मत आना।
मरीज देख घबराए डॉक्टर
मृतक के भाई ने बताया कि दूसरे दिन सुबह 8 बजे जब वार्ड में अन्य डॉक्टर पहुंचे तो मरीज को देख घबरा गए। आपाधापी में उन्होंने तत्काल दवाएं मंगाई। दवा लेकर वह वापस पहुंचा, तब तक विक्की की माैत हो चुकी थी। इसके बाद डॉक्टरों ने वहां तैनात नर्स से मरीज के बारे में पूछा। उसने बताया कि डॉक्टरों के फोन लगाने पर रात वाला डॉक्टर वापस आया। हंगामे के दौरान जब मृतक के परिजन बेकाबू होने लगे तो आरोपी डॉक्टर दोनों हाथ जोड़कर खड़ा हो गया। उसने पीड़ित मां सरोज से माफी भी मांगी। यहीं नहीं परिजन जब तक वार्ड से मरीज का शव बाहर नहीं ले गए, आरोपी डॉक्टर वहीं मौजूद रहा। सरोज का आरोप है कि उसने विक्की की कराई गई एक्सरे, ईसीजी व अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट भी छिपा ली हैं।
होगी जांच
इस मामले की शिकायत मिल चुकी है। परिजनों से मुलाकात भी हो गई है। इस मामले की पूरी जांच की जाएगी। अगर डॉक्टर पर लगाए गए आरोप सिद्ध होते हैं तो ठोस कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. अशोक चौहान, चिकित्सा अधीक्षक
फोटो- बेटे की मौत के बाद विलाप करती सरोज को ढांढस बंधाती अन्य महिलाएं।