रोहतक. नगर निगम के अधिकारियों ने आंख बंद करके बोहर गांव में आधा दर्जन उन महिलाओं को बीपीएल योजना के तहत 100-100 गज के प्लाट दे दिए, जिनके पति गरीब नहीं, बल्कि लाखों रुपए के लाइसेंसी हथियार रखते हैं। आलम यह है कि एक परिवार में तो तीन-तीन प्लाट दे दिए गए, इसमें दो प्लाट तो एक बीपीएल कार्ड पर हैं। इतना ही नहीं एक प्लाट धारक का पति पीजीआई में कार्यरत है।
आईटीआई के तहत हुए खुलासे पर निगम के अधिकारी पल्ला झाड़ते हुए कह रहे हैं कि सूची तो पंचायती राज विभाग ने 2009 में तैयार की थी। अब सवाल उठता है कि क्या निगम के अधिकारियों ने बिना जांच के प्लाट बांट दिए। प्लाटों से वंचित रहे पात्र लोगों ने नए डीसी एवं निगम आयुक्त शेखर विद्यार्थी से पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। बोहर के युवक प्रदीप कुमार डीसी को शिकायत भेजी है कि 2009 में बीपीएल व गरीब परिवारों के लिए प्रदेश सरकार ने 100-100 गज के प्लाट आवंटित किए थे।
योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले व्यक्ति को ही प्लाट मिल सकता है, लेकिन फर्जीवाड़ा करके ऐसे ग्रामीणों को भी प्लाट दे दिए गए, जो न केवल सरकारी नौकरी करते हैं, बल्कि लाखों रुपए के लाइसेंसी हथियार तक ले रखे हैं। आरटीआई के तहत नगर निगम, डीसी कार्यालय व पुलिस प्रशासन से मांगी गई सूचना से यह खुलासा हुआ है।
पति पीजीआई में क्लर्क, पत्नी गरीब
आरटीआई से खुलासा हुआ है कि बोहर गांव निवासी ऊषा पत्नी राजेश गरीब है। इसके चलते उसे 100 गज का प्लाट दिया गया। निगम की सूची में उसका नंबर 127 है, उधर पीजीआई प्रशासन द्वारा आरटीआई के तहत दी गई सूचना में राजेश पुत्र रामेश्वर क्लर्क के तौर पर कार्यरत है और उसका बेसिक वेतन 10 हजार 450 रुपए है।
एक बीपीएल आईडी पर दो प्लाट
निगम की सूची में बिमला पत्नी बालकिशन को बीपीएल आईडी नंबर 1545968 प्लाट नंबर 72 दिया गया है, जबकि सोनू पुत्र विजय पुत्र बालकिशन के प्लाट नंबर 3 की बीपीएल आईडी का नंबर भी 1545968 है।
पात्र लोगों की सूची पंचायती राज विभाग ने 2009 में तैयार की थी। निगम प्रशासन ने तो उसी सूची के आधार पर प्लाट वितरित किए हैं। किसी तरह की गड़बड़ी के लिए वे कैसे जिम्मेदार हो सकते हैं।
-नीरज कुमार, भू अधिकारी नगर निगम।
मामले की डीसी को शिकायत दे दी गई है। साथ ही मंगलवार को वे खुद मुलाकात करके पूरे मामले से अवगत कराएंगी। अगर कार्रवाई नहीं हुई तो पूरे मामले को मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर के सामने ले जाऊंगी।
-मीनाक्षी नांदल, अध्यक्ष भाजपा महिला मोर्चा, भालौठ मंडल।
यह सूची तत्कालीन सरपंच चंद्रभान के समय में तैयार की गई थी। ऐसे में वे कुछ नहीं कहना चाहते। पात्र व अपात्र लोगों के बारे में वे क्या कह सकते हैं।
-रमेश कुमार, निगम पार्षद पति।