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पीजीआई में मर रहे मरीज, चार और जान गई, मान-मनौव्वल भी विफल

7 वर्ष पहले
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बैठक से पूर्व रेजिडेंट डॉक्टरों को विजय पार्क में समझाते सीनियर डॉक्टर ध्रुव चौधरी।
रोहतक. जीआई में रेजिडेंट्स डॉक्टरों की हड़ताल के कारण बुधवार को चार लोगों की जान चली गई। लेकिन छह दिन से हड़ताल पर गए रेजिडेंट्स डॉक्टर्स मानने को तैयार नहीं हैं। छह दिनों में 13 लोगों की जान जा चुकी है। बुधवार को ढाई घंटे तक हेल्थ विवि प्रबंधन ने हड़ताली डॉक्टरों के साथ बैठक की, जो बेनतीजा रही। हेल्थ विवि के अधिकारियों ने डॉक्टरों को परिणाम भुगतने की चेतावनी देकर बैठक स्थगित कर दी।

मरीजों की लगातार हो रही मौतों को देखते हुए रेजिडेंट्स डॉक्टर एसोसिएशन (आरडीए) ने फैसला लिया कि अब वे गुरुवार से विजय पार्क में ओपीडी लगाकर मरीजों की जांच करेंगे। लेकिन अस्पताल में नहीं जाएंगे। बुधवार को डॉक्टरों ने रक्तदान शिविर लगाकर रक्तदान भी किया। नेकीराम कॉलेज से छात्रा सरिता के नेतृत्व में कुछ छात्र-छात्राओं ने डॉक्टरों से अपील की कि वे जिद छोड़कर लोगों की जांच करें, लेकिन डॉक्टर नहीं माने।
डा. ध्रुव ने 28 मिनट समझाया
हड़ताल पर बैठे रेजिडेंट डॉक्टरों को मनाने के लिए कमेटी सदस्य सीनियर प्रोफेसर डॉ. ध्रुव चौधरी सुबह साढ़े 11 बजे पार्क में पहुंचे। अधिकारियों की ओर से डॉ. ध्रुव को डॉक्टरों से बात करने के लिए कहा गया था। बैठक शुरू होने से पहले डॉक्टरों को 28 मिनट तक समझाते हुए डॉ. ध्रुव ने उनसे अपनेपन की बात करते हुए कहा कि बेटा, हड़ताल वगैरह कुछ भी करो, विरोध जताओ चाहे काले बिल्ले लगाओ, लेकिन गरीबों का दिल न दुखाओ। बेटा! गरीबों की बददुआ कभी मत लेना। उनकी बददुआएं उम्र भर सताएंगी। इसके बाद डॉक्टर प्रबंधन से बातचीत को तैयार हुए।

चेतावनी देने पर हुए आक्रोशित
बुधवार दोपहर ढाई घंटे तक अधिकारियों और डॉक्टरों के बीच चली बातचीत और मान-मनौव्वल में भी कोई निर्णय नहीं हो सका। डॉक्टर इस बात पर अड़े रहे कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती, वे हड़ताल समाप्त नहीं करेंगे। बात न बनने पर नाराज होकर अधिकारी और कमेटी सदस्य बैठक छोड़कर बाहर आ गए और परिणाम भुगतने की चेतावनी दे डाली। इससे रेजिडेंट डॉक्टर और आक्रोशित हो गए। बैठक में हेल्थ विवि के कुलपति डॉ. एसएस सांगवान, प्रतिकुलपति डॉ. वीके जैन, निदेशक डॉ. सीएस ढुल, डॉ. अशोक चौहान, डॉ. ध्रुव चौधरी, डॉ. महाबीर, डॉ. रोहताश यादव, डॉ. एसके धत्तरवाल, डॉ. नित्यानंद, डॉ. वीके कत्याल, डॉ. गीता गठवाला व मेडिकल सुपरिंटेंडेंट मौजूद रहे। उधर, डीसी अमित अग्रवाल ने पीजीआई प्रबंधन से बातचीत कर जल्द से जल्द समाधान निकालने को कहा है। विवि प्रबंधन भी डॉक्टरों के परिजनों को संदेश भेज रहा है कि आपके बच्चे अवकाश पर हैं। अब आप ही संभालें।

डॉक्टरों ने किया रक्तदान
सुबह से ही विजय पार्क मे रक्तदान शिविर लगाया गया। इस दौरान हड़ताल पर बैठे डॉक्टरों ने रक्तदान किया। डॉक्टरों का कहना है कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है, लेकिन बिना सुरक्षा के वे लोग काम नहीं करना चाहते।

सुबह से ही विजय पार्क मे रक्तदान शिविर लगाया गया। इस दौरान हड़ताल पर बैठे डॉक्टरों ने रक्तदान किया। डॉक्टरों का कहना है कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है, लेकिन बिना सुरक्षा के वे लोग काम नहीं करना चाहते।
आगे की स्लाइड्स में पढ़ें, सीधी बात डॉ. सीएस ढुल, पीजीआई निदेशक के साथ