रोहतक. नवरात्र गुरुवार से शुरू हो रहा है। इधर हरियाणा की एक बेटी ने मुंह बोले भाई के लिए दुर्गा का रूप धर लिया है। उसकी कोशिश नेपाली युवक बहादुर की जान बचाना है। जिसकी दोनों किडनी फेल है और पीजीआई में 5 दिन से कोमा में है। इलाज में अब तक 20 हजार रुपए खर्च हो गए हैं, फिर भी हिम्मत नहीं हारी है। कहती है गहने बेचकर भी कराऊंगी इलाज। इनसानियत का नाता है। जिंदगी खत्म होगी तो दुख होगा। पैसे का दुख नहीं। उमाकांत उर्फ बहादुर 37 नेपाल के कांहू शिवापुर राज्य के ढुंगाड़े तनहू का निवासी है। वह
सोनीपत के थानाखुर्द खरखाैदा निवासी बंटी के तहसीलदार पिता रणबीर सिंह के यहां दिल्ली में आता रहता है। उसने बंटी को मुंहबोली बहन बनाया है। 10 दिन पहले वह बंटी के घर आया। जब जानेे लगा तो उसने पेट में तकलीफ की शिकायत की। उसे खरखौदा के सेठी अस्पताल में भर्ती कराया गया। चार दिन बाद डॉक्टर ने पीजीआई रेफर कर दिया।
दवा न मिलने से बिगड़ी हालत
पीजीआई में भर्ती बहादुर की दोनों किडनी खराब है। दमे के साथ ही शुगर भी है। डॉक्टरों की हड़ताल से जीवन रक्षक औषधियां नहीं मिली तो 5 दिन पहले वह कोमा में चला गया। तब से वैसे ही पड़ा हुआ है। बस धड़कन चल रही है। बंटी ने बहादुर के भांजे पदमराज को फोन करके नेपाल से बुलवा लिया है, लेकिन इलाज का खर्च खुद उठा रही है। पराेपकार के इस काम में पति हरपाल भी मदद कर रहा है।
बहादुर का इलाज सबसे बड़ी पूजा
बंटी मां दुर्गा की पूजा करती है। इस बार उसका नवरात्र पीजीआई में शुरू हो रहा है। कहती है परदेश का मेरा भाई ठीक होकर सही सलामत परिवार में लौट जाए, मेरे लिए यही सबसे बड़ी पूजा है। यही देवी मां की आराधना भी।