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खेत में मिला चिटफंड कारोबारी का शव आत्महत्या की आशंका

7 वर्ष पहले
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रोहतक। शहर के सेक्टर तीन में चिटफंड का कारोबार करने वाले प्रॉपर्टी डीलर 45 वर्षीय साधुराम की गुरुवार सुबह संदिग्ध हालात में मौत हो गई। उसका शव सनसिटी के नजदीक खुद के खेत में कमरे के बाहर मिला। बताया जाता है कि मरने से पहले साधुराम ने अपने ड्राइवर संसार सिंह को फोन करके कहा कि मैं जिंदगी से तंग आ चुका हूं। मुझे संभाल लेना। घटनास्थल पर मिली सल्फास की गोली, हालात व परिजनों के बयानों के आधार पर पुलिस भी मामले को आत्महत्या से जोड़कर देख रही है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारणों का खुलासा नहीं होने और गर्दन में खुखरी धंसी मिलने से हत्या की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता।
फिलहाल पुलिस ने विसरा जांच के लिए मधुबन भेजा गया है और धारा 174 के तहत कार्रवाई की है। अर्बन एस्टेट थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह ने बताया कि सेना से रिटायर्ड सेक्टर तीन निवासी ओमप्रकाश के तीन बेटे थे। बड़ा बेटा साधुराम काफी समय से प्रोपर्टी डीलिंग का कारोबार कर रहा था। उसके पिता का कहना है कि प्रोपर्टी के साथ चिटफंड का भी लेनदेन करता था। साधुराम के सनसिटी से आगे लाढ़ोत रोड की तरफ खुद के खेत हैं। सुबह वह स्कूटी लेकर घर से खेत के लिए चला गया।
बताया जाता है कि करीब सात बजे उसने अपने ड्राइवर संसार सिंह, जिसे बेटे की तरह मानता था, फोन कर कहा कि मैं जिंदगी से तंग आ चुका हूं। खेत में हूं संभाल लेना। संसार तुरंत साधुराम की पत्नी को लेकर खेत में पहुंचा, जहां साधुराम का शव लहूलुहान हालत में पड़ा था। नजदीक सल्फास की गोलियां व गर्दन में खुखरी धंसी मिली। मामले की सूचना अर्बन एस्टेट थाने में दी गई।
पुलिस एफएसएल एक्सपर्ट डा. सरोज दहिया के साथ मौके पर पहुंची। गर्दन में खुखरी धंसी देखकर पुलिस को लगा कि किसी ने प्रोपर्टी डीलर की हत्या की है, लेकिन नजदीक सल्फास की गोलियां भी पड़ी मिली। गहन जांच के बाद भी पुलिस हत्या व आत्महत्या के बीच की गुत्थी को नहीं सुझा सकी और शव को पीजीआई ले जाया गया, जहां पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया।
करोड़ों का कारोबार करता था साधुराम

डेड हाउस पहुंचे लोग आपस में बातचीत कर रहे थे कि साधुराम अपनी बात का पक्का था। किसी को पैसे देने के लिए समय दे दिया तो चूकता नहीं था। करोड़ों की कमेटियों का संचालन करता था। अब उसकी मौत कैसे हुई, यह समझ से बाहर है। अब सवाल उठता है कि वह किस बात को लेकर परेशान था। इस सवाल का जवाब न तो पुलिस के पास है और उसके पिता ने भी केवल इतने बयान दिए हैं कि उसका बेटा मानिसक तौर पर कई दिन से परेशान था।
(फोटो- घटना के बाद पीजीआई के डेड हाउस के सामने ओमप्रकाश व अन्य परिजनों से पूछताछ करती पुलिस।)