पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Former Sarpanch Spoke To Complaining Doctor Of MCI

समर गोपालपुर के पूर्व सरपंच रघुबीर बोले- एमसीआई से करेंगे डॉक्टर की शिकायत

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
(हड़ताल के दौरान पार्क में ओपीडी लगाकर मरीज को देखते डॉक्टर।)
रोहतक. मृतक अंकिता के पिता की गिरफ्तारी से आक्रोशित परिजनों का साथ दे रहे गांव समर-गोपालपुर के पूर्व सरपंच रघुवीर सिंह ने डॉक्टरों और पीजीआई प्रबंधन को जमकर कोसा। उन्होंने कहा कि डॉक्टर जसबीर के खिलाफ एमसीआई में पंजीकरण रद्द करवाने के लिए शिकायत की जाएगी।

बच्ची दो महीने से बीमार थी, लेकिन रीढ़ की हड्डी का जब भी सैंपल लेना होता था तो हमें डॉक्टर जसबीर के होते हुए दूसरे डॉक्टर को बुलाकर लाना पड़ता था। सरपंच ने गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि म्हारी ही बच्ची मार दी, इब औरां नै भी मारण लागरे सै। ऐसे डॉक्टरोंं के खिलाफ तो कार्रवाई होनी चाहिए, जबकि उनकी जिद को पूरा करने में हर कोई जुटा है। लड़की मरने के बाद हमारे ही लोगों को गिरफ्तार कर दबाव बनाया जा रहा है।
गांव शांत बैठा है, इसका मतलब गलत न निकाला जाए। ग्रामीण आमजन को तंग नहीं करना चाहते। डॉक्टरो की तरह हम भी जिद पर अड़ गए तो भारी पड़ेगा। डॉक्टर ने फर्जी एमएलआर कटवाई और वही बाद में पर्चा दर्ज करवा रहा है। हमारी शिकायत पर आज तक कोई सुनवाई नहीं की गई। शिकायत तो हमने भी दी थी, ऐसे में मामला दर्ज किया जाना चाहिए था, लेकिन हर कोई दबाव की भाषा ही मानता है।

राजनीति की भेंट चढ़ रहा है पीजीआई
वहीं सीनियर डॉक्टरों नाम न छापने की शर्त पर कहते हैं कि पीजीआईएमएस में इलाज की ओर कम और अधिकारियों का राजनीति की ओर ज्यादा ध्यान रहता है। हर कोई एक-दूसरे की कुर्सी छीनने में लगा है। इसी का परिणाम है कि इन हालातों में भी कई अधिकारी तो हड़ताल खुलवाने के लिए कभी सामने ही नहीं आए। हर बार की तरह इस बार भी हड़ताल फिर से 100 घंटे से ज्यादा चली। अगस्त 2013 में भी डॉक्टर के साथ मारपीट मामले के बाद भी हड़ताल पांच दिन तक चली थी और स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई थी।
डॉक्टरों के ओपीडी में नहीं पहुंचे मरीज
पूर्व घोषणा के अनुसार रेजिडेंट डॉक्टरों ने वीरवार सुबह विजय पार्क में ओपीडी शुरू कर दी। इसके लिए पोस्टर तैयार कर पेड़ों पर चस्पा कर दिए, लेकिन सरकारी अवकाश होने के कारण इक्का-दुक्का ही मरीज यहां पहुंचे। दिखावे के लिए रेजिडेंट डॉक्टर ओपीडी में मरीजों की संख्या दर्शाने में लगे रहे। इसी दौरान हड़ताल खत्म करने या जारी रहने लेकर रेजिडेंट डॉक्टरों में ही फूट पड़ गई। गुड़गांव से आए आरडीए के पूर्व प्रधान डॉ. एमके दयाल उर्फ केडी ने भी हड़ताल जारी रखने और गुड़गांव हरियाणा सिविल मैडिकल सर्विसेज(एचसीएमएस ) का समर्थन देने की बात कही।
इसके बाद करीब दो घंटे तक हड़ताली डॉक्टर एक-दूसरे को कोसते रहे और कभी पुरानी मांगों को पूरा कराने तो कभी हड़ताल को बीच में छोड़ने की बात कहने लगे। इसके बाद हरियाणा स्टेट मैडिकल टीचर्स एसोसिएशन (एचएसएमटीए) के प्रधान डॉ. रोहताश यादव ने पार्क में पहुंचकर डॉक्टरों को बैठक करने के लिए एलटी वन में बुलाया। 2 बजकर 44 मिनट पर डीसी डॉ. अमित कुमार अग्रवाल, डीआईजी सौरभ सिंह व हेल्थ विवि प्रबंधन की मौजूदगी में बंद हाल में बैठक की गई। डेढ़ घंटे चली बैठक के बाद डॉक्टरों ने मांंगें माने जाने पर हड़ताल खत्म कर दी।
आगे की स्लाइड में देखें तस्वीर