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डाउनलोड करेंरोहतक. गोचरान भूमि खाली कराने को लेकर 82 दिन से अनशन कर रहे संत गोपालदास की तबीयत बिगडऩे पर एम्स में उनका इलाज शुरू हो गया है। संत की दोनों किडनियों पर असर पाया गया है। अनशन के दौरान पहली बार संत ने इलाज करवाना शुरू किया है।
संत गोपालदास दस मई से गो चरान भूमि खाली कराने व गोचर भूमि विकास बोर्ड गठित करने को लेकर अनशन कर रहे हैं। मांगों को लेकर रविवार देर रात हरियाणा भवन दिल्ली में प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ संत की मुलाकात कराई गई। बैठक में सीएम ने संत को आश्वस्त किया है कि उनकी मांगों को लेकर 31 जुलाई को बैठक बुलाई गई है। इसमें अहम फैसले लिए जाएंगे। सीएम से बैठक के बाद रात करीब 10 बजे संत को एम्स की एमरजेंसी के बेड नंबर एक पर दाखिल कराया गया है। चेकअप के दौरान संत की दोनों किडनियों पर असर मिला है। स्थिति को देखते हुए डाक्टरों ने संत का इलाज शुरू कर दिया है। डाक्टरों ने संत को आराम करने व दवा लेने की सलाह दी है।३
पहली बार लिया इलाज
संत ने पहली बार इलाज लेना शुरू किया है, इससे पहले कई बार जिला प्रशासन संत को पीजीआई रोहतक व चंडीगढ़ में भर्ती करा चुका था, लेकिन संत ने कभी इलाज नहीं लिया। हालांकि, यहां पर संत के टेस्ट कराए गए, लेकिन संत ने इलाज लेने से इंकार कर दिया। एम्स के डाक्टरों ने संत को किडनियों की हालत के बारे में बताया तो संत इलाज लेने पर राजी हो गए। उधर, इस बारे में पीजीआईएमस के मेडिसन के सीनियर प्रो. डा. धु्रुव चौधरी का कहना है कि शरीर को एनर्जी चाहिए, जो खाने से मिलती है। खाना नहीं खाने से शरीर मांसपेशियों से एनर्जी लेता है। इसका किडनियों पर असर पड़ता है। अगर ज्यादा दिन व्यक्ति खाना नहीं खाता है, इससे किडनी डैमेज भी हो सकती है।
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