रोहतक. स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग की सेहत बहुत ही खराब है। कहीं पर डाक्टर नहीं हैं, कहीं स्पेशलिस्ट नहीं है तो कहीं पर भवन नहीं है। उन्होंने इसके लिए पिछली सरकारों को जिम्मेदार ठहराया। बोले, पिछले 40 साल में जिस प्रकार से सरकारों ने शासन चलाया है, उससे हालात खराब हुए हैं। बोले, मैं डॉक्टर तो नहीं हूं, पर स्वास्थ्य विभाग की सेहत जरूर ठीक कर दूंगा। विज ने माना कि प्रदेश के अस्पतालों में डाक्टरों की कमी है। जिसे पूरा करने के लिए 400 डाक्टरों की भर्ती की जाएगी।
यह भर्ती प्रक्रिया शीघ्र ही प्रारंभ होने जा रही है और जब तक नियमित भर्ती नहीं होगी तब तक तदर्थ (एडहॉक) आधार पर डाक्टरों की भर्ती की जाएगी। पैरा मेडिकल स्टाफ की भर्ती भी की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज रोहतक भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रदेश के भाजपा सदस्यता अभियान प्रमुख विज ने कहा कि हालही में ली गई रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में 34 अस्पतालों में लंबे समय से डॉक्टर ही नहीं हैं।
अगर अस्पताल में डाक्टर ही नहीं हैं तो फिर उसे क्या कहेंगे? उसे सिर्फ एक कमरा या इमारत भर कहा जा सकता है। इसे देखते हुए 95 डाक्टरों की नियुक्ति के आदेश-पत्र जारी किए हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जो डाक्टर डेपुटेशन पर प्रदेश से बाहर काम कर रहे हैं, उनकी डेपुटेशन तुरंत प्रभाव से रद्द कर दी गई है। ऐसे लोगों को तुरंत बुलाया गया है जो तनख्वाह तो हमारे प्रदेश से ले रहे हैं और सेवा दूसरों की कर रहे हैं। एक अस्पताल में 10 भी डॉक्टर नहीं है और एक जगह 40 डॉक्टर काम कर रहे हैं।
फाइलों के दांत तो निकाल नहीं रहे डॉक्टर
विज ने कहा कि बहुत से डाक्टर राजनीतिक संबंधों का लाभ उठाकर एक ही जगह पर कार्यरत हैं। वहीं विज ने तल्ख लहजे में कहा कि कई डेंटल सर्जन मुख्यालय में बैठे हैं अब ऐसे डॉक्टरों का मुख्यालय में क्या काम? डेंटल सर्जन वहां फाइलों के दांत तो निकाल नहीं रहे हैं? ऐसे में रेशनेलाइजेशन के आदेश दिए हैं।
खबरों पर लिया संज्ञान, डीसी से मांगी रिपोर्ट
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मीडिया से काफी सहयोग मिल रहा है। सूचना तुरंत मिलने के चलते ही एक्शन भी लिया जा रहा है। पानीपत दैनिक भास्कर में दो दिसंबर को खबर छपी कि डॉक्टर फेयरवेल पार्टी कर रहा हैं और सड़क हादसे में मरीज की मौत हो गई। इस मामले में तुरंत प्रभाव से डीसी को आदेश दिए हैं कि वे शाम तक बताए कि इस मामले में क्या कदम उठाए गए हैं? डॉक्टर को चार्जशीट कर दिया गया है और मामले की जांच करवाई जा रही है। इसी तरह से बहादुरगढ़ में महिला की डिलीवरी का मामला था, उसकी भी डीसी को फोन कर जानकारी ली गई और जांच रिपोर्ट मांगी है।