रोहतक. मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के हलके गढ़ी सांपला-किलोई के गांव चमारिया में पुरानी रंजिश के चलते इनेलो के हलका अध्यक्ष एवं गांव के सरपंच संदीप हुड्डा पर कुछ युवकों ने हमला कर दिया। हमले में संदीप व उसका चचेरा भाई रवींद्र न केवल घायल हो गए, बल्कि आरोपी जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। घायलों को पीजीआई में दाखिल कराया गया है। सदर पुलिस ने गांव के दो सगे भाइयों भूला व नान्हा के खिलाफ मारपीट व जान से मारने की धमकी का केस दर्ज किया।
चमारिया के सरपंच संदीप हुड्डा गढ़ी सांपला-किलोई के हलका प्रभारी हैं। उसने पुलिस को बताया कि पंचायत चुनाव में दूसरा पक्ष रंजिश रखे हुए हैं। इसके चलते लंबे समय से तनाव चल रहा है। गांव में पंचायत की ओर से गली का निर्माण कराया जा रहा है। सोमवार सुबह वह निर्माण कार्य की जांच करने मौके पर गया, तो गांव निवासी भूला व नान्हे से कहासुनी हो गई। मामला बढ़ने पर आरोपियों ने अपने साथियों के साथ मिलकर जेली व लाठियों से हमला कर दिया। उसका चचेरा भाई रवींद्र बचाव कराने आए तो उसके साथ भी मारपीट की। झगड़े के चलते मौके पर ग्रामीण की भीड़ एकत्रित हो गई। आरोपी जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। मामले की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और गांव के लोगों से बातचीत कर जांच की। उधर, हलका अध्यक्ष पर हमले की सूचना पाते ही दर्जनों इनेलो समर्थक पीजीआई पहुंच गए। साथ ही बयान लेने पहुंची सदर पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग की।
भुला नहीं पा रहे पुरानी हार
इनेलो नेता ने बताया कि पंचायत चुनाव में भूला सरपंच का चुनाव हार गए। तभी से वह बदला लेने की तलाश में था। एक साल पहले भी उसने एसपी को शिकायत दी थी कि भूला व उसके समर्थकों से उसकी जान को खतरा है। इसके बावजूद पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। यहीं कारण है कि आरोपियों के हौंसले बुलंद हैं।
तनाव के चलते गांव में पहुंची पुलिस
विधानसभा चुनाव से ठीक पहले चमारिया गांव में तनाव के चलते डीएसपी यशपाल खटाना के नेतृत्व में पुलिस की टीम गांव में पहुंची और हालात का जायजा लिया। साथ में शांति बनाए रखने की अपील की। क्योंकि पीड़ित गांव का सरपंच ही नहीं, बल्कि एक पार्टी का पदाधिकारी भी है।
राजनीतिक प्रभाव के चलते कार्रवाई नहीं
इनेलो नेता के भाई रवींद्र ने बताया कि आरोपी पहले भी गांव में दो और सरपंचों से मारपीट कर चुका है। उसके खिलाफ सदर थाने में शिकायत भी दी गई, लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते पुलिस ठोस कार्रवाई नहीं करती। मामले को विधानसभा चुनाव में उठाया जाएगा।
पीजीआई में उपचाराधीन इनेलो हल्का अध्यक्ष संदीप।