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निगम ने पुलिस के पाले में डाली गेंद, कार्रवाई के नाम पर पुलिस खामोश

8 वर्ष पहले
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रोहतक. शहर में नियम तोड़कर खड़ी की जा रही अवैध बिल्डिंग रोकने में नाकाम नगर निगम ने गेंद पुलिस प्रशासन के पाले में डाल दी है। एक तरफ पुलिस कार्रवाई के नाम पर खामोश है, दूसरी तरफ निगम आयुक्त विकास गुप्ता पिछले दो सप्ताह में चार बार पुलिस को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग कर चुके हैं।

भवन निर्माण अधिनियम 1982 के तहत नगर निगम सीमा में भवन निर्माण करने के लिए स्थानीय निकाय प्रशासन से नक्शा पास कराया जाना अनिवार्य है। दो माह पहले हुए सर्वे में सामने आया कि शहर में करीब चार दर्जन भवन नियमों को तोड़कर बनाए जा रहे हैं।

कहीं भवन मालिकों ने नक्शा पास नहीं करवा रखा है और नक्शा है तो हिदायत तोड़कर मर्जी से बिल्डिंग का निर्माण किया जा रहा है। निगम सूत्रों का कहना है कि निगम आयुक्त ने सिविल लाइन, अर्बन एस्टेट व सिटी थाना प्रभारियों को पत्र लिखा है कि शहर में एक दर्जन से ज्यादा भवन ऐसे हैं, जहां नियमों के विरुद्ध निर्माण हो रहा है।

भवन मालिकों को चार बार नोटिस दिया गया है, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी है। ऐसे में भवन मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। इससे पहले आयुक्त 23 अप्रैल, 30 अप्रैल व 3 मई को भी थाना प्रभारियों को पत्र लिख चुके हैं, लेकिन पुलिस ने अभी तक कोई कदम नहीं उठाया है।

निगम कार्रवाई करे, पुलिस सुरक्षा के लिए तैयार

पुलिस अधीक्षक विवेक शर्मा का कहना है कि अवैध भवनों के निर्माण को लेकर नगर निगम प्रशासन ही कार्रवाई कर सकता है। निगम के अधिकारी पुलिस सुरक्षा की मांग करते हैं तो तुरंत उपलब्ध करा दी जाएगी।

निगम के मुताबिक दिल्ली रोड, डी-पार्क, सिविल रोड स्थित सुभाष सिनेमा के नजदीक, आर्य नगर, डीएलएफ कॉलोनी, मानसरोवर कॉलोनी, भरत कॉलोनी, प्रताप नगर, सुभाष नगर, मॉडल टाउन, जसबीर कॉलोनी, झज्जर रोड व सुखपुरा चौक पर अवैध तरीके से भवन निर्माण का कार्य चल रहा है। ज्यादातर जगह निर्धारित से ज्यादा मंजिल का निर्माण किया जा रहा है।