रोहतक. सवा नौ साल पहले के मामले में सीजेएम अश्विनी कुमार की कोर्ट ने वैश्य एजुकेशन सोसायटी के पूर्व प्रधान रामभरोसे गोयल और उनके भाई राम देवा (वैश्य गौशाला के पूर्व प्रधान)सहित 8 लोगों को दोषी करार दिया है। बंधक बनाने, गैर कानूनी गिरोह बनाकर नुकसान करने और चोट पहुंचाने के मामले में जुर्माना और सजा सुनाने के लिए 3 फरवरी की तारीख मुकर्रर की गई है।
वैश्य व्यायामशाला के पास स्थित प्लॉट नंबर 339/35 को लेकर रामदेवा और जनता कालोनी निवासी बनारसी दास के बीच विवाद का मामला कोर्ट में चल रहा था। बनारसी दास का आरोप है कि 25 सितंबर 2004 को रामदेवा ने अपने भाई-बेटों व अन्य लोगों के साथ उसके प्लाट पर कब्जा करने का प्रयास किया। विरोध करने पर मकान में तोडफ़ोड़ करते हुए मारपीट कर उसे बंधक बना लिया।
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