पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

10 तक यथास्थिति, फैसला रखा सुरक्षित, कोर्ट में करौंथा आश्रम को लेकर जमकर बहस

8 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

रोहतक. करौंथा के सतलोक आश्रम को लेकर यथास्थिति 10 मई तक बरकरार रहेगी। वरिष्ठ सिविल जज सुरुचि अतरेजा ने दोनों पक्षों की बहस के बाद न केवल फैसला सुरक्षित रख लिया, बल्कि अगली सुनवाई तक यथास्थिति बरकरार रखने का आदेश दिया। इससे पहले, बहस के दौरान उप जिला न्यायवादी बिजेंद्र खत्री ने अदालत को बताया कि आश्रम विवादित जमीन पर बना हुआ है।

इसको लेकर कोर्ट में केस चल रहा है। दूसरा बिना सीएलयू के खेती योग्य जमीन पर आश्रम बनाया हुआ है। तीसरा हाइवे के दोनों तरफ 30 मीटर की सीमा में जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। साथ ही पांच मई को आर्य समाज से जुड़े एक युवक से मारपीट तक हो चुकी है। धारा 144 लागू होने के बावजूद हजारों लोग आश्रम में रह रहे हैं। इससे कानून व्यवस्था भंग होने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में सीआरपीसी की धारा 145 के तहत आश्रम प्रशासन के हवाले किया जाए।

दूसरी तरफ सतलोक आश्रम पक्ष के वकील ने कहा कि आश्रम 4 एकड़ में बना हुआ है, जबकि कमला देवी के हिस्से में महज दो से तीन कनाल जमीन आती है। इतना ही नहीं हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद आश्रम का कब्जा खुद जिला प्रशासन ने 7 अप्रैल को बंदी छोड़ भक्ति मुक्ति ट्रस्ट को दिया।

लेकिन अब आर्य प्रतिनिधि सभा की मिलीभगत से प्रशासन आश्रम खाली कराने के लिए दबाव बना रहा है। इसके लिए कभी रामपाल समर्थकों पर धमकी देने व कभी युवक से मारपीट करने के बिना आधार के आरोप लगाए जा रहे हैं। प्रशासन को आश्रम पर कब्जा करने से रोका जाए। 12 से एक बजे तक चली बहस के बाद अदालत ने फैसला 10 मई तक सुरक्षित रख लिया। साथ में अगली सुनवाई तक यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए।

टकराव संभव

आर्य प्रतिनिधि सभा की ओर से जिला प्रशासन को अल्टीमेटम दे रखा है कि अगर 12 मई तक आश्रम खाली नहीं कराया गया तो वे अपने तरीके से संघर्ष करेंगे। हालात की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। दूसरी तरफ रामपाल समर्थक गांधीगिरी पर उतर आए हैं। सत्यदेव दास व विकास दास का कहना है कि वे आसपास के ग्रामीणों को समझा रहे हैं कि कानून के तहत आश्रम पर उन्हें कब्जा मिला है। किसी के बहकावे में आकर शांति भंग न करें।

आगे क्या : आश्रम खाली कराने को लेकर आर्य प्रतिनिधि सभा द्वारा दिए गए अल्टीमेटम को देखते पुलिस व गुप्तचर शाखा ने भागदौड़ तेज कर दी है। आर्य समाजियों के जनसंपर्क अभियानों पर पूरी नजर रखी जा रही है। साथ में आश्रम की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है।