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आश्रम को कब्जे में नहीं ले पाएगा प्रशासन, रामपाल समर्थकों को कोर्ट से बड़ी राहत

8 वर्ष पहले
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रोहतक. करौंथा के सतलोक आश्रम पर कब्जे को लेकर कोर्ट से रामपाल समर्थकों को बड़ी राहत मिली है। जिला प्रशासन अब आश्रम को आसानी से सीआरपीसी की धारा-145 के तहत अपने कब्जे में नहीं ले सकेगा।

सिविल जज सुरुचि अतरेजा ने प्रशासन को आश्रम की सुरक्षा सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं। साथ ही रामपाल समर्थकों व आर्य समाजियों को भी निषेधाज्ञा (धारा-144) का पालन करने की दो टूक हिदायत दी है। उल्लंघन करने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

दो दिन पहले सिविल जज सुरुचि अतरेजा द्वारा किए गए फैसले को दोपहर दो बजे सार्वजनिक किया गया। इसमें हिदायत दी है कि जिला प्रशासन कानून व्यवस्था का हवाला देकर स्वयं आश्रम को अपने कब्जे में नहीं ले सकता।

ऐसा करने के लिए पहले प्रशासन को कानून के तहत ठोस कारणों को साबित करना होगा। इसके साथ ही रामपाल समर्थकों व आर्य प्रतिनिधि सभा को हिदायत दी जाती है कि वे क्षेत्र में शांति बनाए रखें। अदालत ने प्रदेश सरकार, जिला उपायुक्त व पुलिस को अदालत के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने का आदेश दिया है। साथ ही कोर्ट ने पुलिस अधीक्षक को करौंथा आश्रम की सुरक्षा के लिए प्र्याप्त सुरक्षा बल तैनात करने का आदेश दिया है।

प्रशासन के हाथ बंधे

स्थानीय अदालत के फैसले से जिला प्रशासन के भी हाथ बंध गए हैं। पुलिस व प्रशासन को न केवल अदालत के आदेशों का पालन सुनिश्चित करना है, बल्कि दोनों पक्षों के बीच को तनाव को खत्म करते हुए कानून व्यवस्था भी बनाए रखनी है।

यह है मामला

12 अप्रैल को रामपाल के बंदी छोड़ भक्ति मुक्ति ट्रस्ट के सदस्य भठगांव निवासी राजेंद्र सिंह ने स्थानीय कोर्ट में याचिका दायर की कि सर्वोच्च न्यायालय व हाईकोर्ट के फैसले के बाद जिला प्रशासन ने सात अप्रैल को आश्रम का कब्जा दे लिया है, लेकिन योजना के तहत दोबारा आश्रम को खाली कराने का प्रयास किया जा रहा है। इसमें याचिकाकर्ता ने प्रदेश सरकार, एसपी, डीसी व आर्य प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष आचार्य बलदेव को प्रतिवादी बनाया गया। केस की सुनवाई करते हुए आठ मई को बहस के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।

आर्य प्रतिनिधि सभा के पास सेशन कोर्ट में अपील का विकल्प

सिविल जज सुरुचि अतरेजा द्वारा सतलोक आश्रम पर फैसला देने के बाद आर्य प्रतिनिधि सभा के पास सीमित विकल्प बच गए हैं। आर्य प्रतिनिधि सभा अब केवल सिविल कोर्ट के फैसले को सेशन कोर्ट में चुनौती दे सकती है। सभा के मंत्री सतबीर शास्त्री का कहना है कि अदालत के फैसले का अध्ययन किया जा रहा है।

मधुबन से डेढ़ हजार पुलिसकर्मी पहुंचे

करौंथा के सतलोक आश्रम को लेकर 12 मई को आर्य प्रतिनिधि सभा के अल्टीमेटम को देखते हुए पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया है। शुक्रवार देर रात मधुबन से डेढ़ हजार पुलिसकर्मी पुलिस लाइन पहुंच गए। कानून व्यवस्था कायम रखने के लिए बाहर से आठ डीएसपी व 20 इंस्पेक्टरों की विशेष तौर पर ड्यूटी लगाई गई है। एसपी विवेक शर्मा ने हालात को देखते हुए देररात पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की और संवेदनशील स्थानों पर पुलिसबल तैनात करने की हिदायत दी।