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दाखिले को लेकर विभागों में जड़ा ताला, कुलपति का किया घेराव

7 वर्ष पहले
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रोहतक. एमफिल में दाखिले को लेकर कई दिनों से चक्कर लगा रहे विद्यार्थियों का सोमवार को गुस्सा फूट पड़ा। एमडीयू के डीडीई बिल्डिंग के मुख्य गेट को विद्यार्थियों ने ताला जड़ दिया। सुबह 9 बजे शुरू हुए इस हंगामे के चलते शिक्षक व कर्मचारी भी कार्यालयों व विभागों में नहीं जा सके। सभी को गेट के बाहर ही रोक दिया गया। करीब दो घंटे तक विद्यार्थियों के हंगामे को देखते हुए कुलपति एचएस चहल ने मौके पर ही मामले की जांच करवाई और छात्रा का दाखिला भी करवा दिया।
यह है मामला
शनिवार को राजनीति विज्ञान विभाग में एमफिल के दाखिले के लिए पहुंचे। यहां छात्रा पूनम को टेस्ट पास करने के बाद भी उसे दाखिला नहीं मिल रहा था और दूसरी छात्रा भावना का एक दिन तो सूची में नाम जारी कर दिया गया और दूसरे दिन ही काट दिया। इसको लेकर दोनों ने कुलपति और कुलसचिव के सामने रोना रोया, लेकिन समाधान नहीं निकला। इसके बाद छात्र नेता जोगेंद्र जोगा को मामले की जानकारी दी गई और जोगेंद्र के नेतृत्व में छात्राओं को कुलसचिव से मिलवाया गया। यहां उन्होंने दाखिला करवाए जाने का आश्वासन एक प्रोफेसर को साथ भी भेज दिया कि मामले की जांच कर कार्रवाई हो। इसके बाद भी दाखिला नहीं हुआ। इसी को लेकर विद्यार्थियों का गुस्सा फूटा।
कारण
इसके बाद पीजीआईएमएस थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन विद्यार्थियों ने एक न सुनी। कुलपति एचएस चहल और कुलसचिव डॉ. एसपी वत्स मौके पर पहुंचे और ताला लगाने का कारण पूछा।

घेराव
बच्चे नहीं माने और एचओडी को मौके पर बुलाने की मांग रखी। कुलपति ने कार्यालय आकर बात रखने को कहा, जैसे ही कुलपति वापस जाने लगे तो विद्यार्थी ने गाड़ी का घेराव कर लिया।

जांच
कुलपति ने मौके पर ही विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र शर्मा को बुलाया और जांच शुरू कर दी। इस दौरान दाखिला प्रक्रिया को गलती मिली। इसमें छात्रा की सीट काटकर एक विकलांग अभ्यर्थी को दे दी गई थी।

आदेश

इस मामले में ऐसी सीट तीन साल में एक बार दी जाती है। मामले को उचित पाते हुए कुलपति ने छात्रा पूनम का दाखिला करने के आदेश जारी कर दिए। इस पर विद्यार्थियों ने विभागाध्यक्ष पर कार्रवाई की मांग की है।
वीसी बोले, गलती किसी से भी हो सकती है
कुलपति चहल ने डीडीई डायरेक्टर डॉ. नसीब सिंह गिल के रूम में बैठकर जांच शुरू की। इस दौरान प्रोक्टर एसपी खटकड़, डीन डॉ. रविंद्र विनायक, एकेडमिक ब्रांच के हेड सत्यनारायण शर्मा मौजूद रहे। वहीं बैठक में आने के लिए विभागाध्यक्ष डॉ. शर्मा को विद्यार्थियों के विरोध को देखते हुए डीडीई बिल्डिंग में पिछले दरवाजे से प्रवेश करना पड़ा। जांच के बाद हालांकि अंदर कुलपति विभागाध्यक्ष से सख्ती से पेश आए, लेकिन बाहर आकर उनकी ओर से कहा गया कि गलती किसी से भी हो सकती है, फिर भी नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।
वीसी से बहस करती छात्राएं।