रोहतक. सरकार व प्रशासन की उपेक्षा से परेशान नगर निगम के पार्षद मंगलवार को भड़क उठे। परेशान पार्षदों ने पहले मेयर रेणु डाबला, फिर जन स्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन जेसी जांगड़ा के कार्यालय में जमकर ३ घंटे तक हंगामा किया। मेयर ने जहां पार्षदों का साथ देने की बात कही, वहीं एक्सईएन ने सात दिन का समय मांगा है। पार्षद अब गुरुवार को शहर में आ रहे सांसद दीपेंद्र हुड्डा को अनदेखी का दुखड़ा सुनाएंगे।
ढाई माह से पार्षदों की बैठक नहीं हुई है। चौतरफा दबाव के बाद मंगलवार दोपहर दो बजे मेयर रेणु डाबला ने पार्षदों को फोन करके कार्यालय में बुलाया। बैठक तो एजेंडा तय करने के लिए बुलाई गई, लेकिन ढाई माह से उपेक्षा का शिकार पार्षद भड़क उठे। मेयर रेणु डाबला को खरी-खोटी सुनाई। पार्षदों ने कहा कि 11 नवंबर की बैठक में 21 प्रस्ताव पास हुए। उनमें से केवल पार्षदों को 100 स्ट्रीट लाइट उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अतिरिक्त किसी भी प्रस्ताव को लागू नहीं किया गया है। वार्ड-14 की पार्षद नीरा भटनागर के पति नरोतामल भटनागर ने पिछली बैठक में पारित प्रस्ताव एक-एक करके रखा। 20 में से मौजूद मेयर सहित 1५ पार्षदों ने सर्वसम्मति से 20 प्रस्तावों को दोबारा रखने का फैसला लिया।
5 लाख मिले नहीं, 20 की मांग
पार्षदों ने कहा कि प्रस्ताव पास किया गया था कि पार्षद के खाते में 5 लाख रुपए डाले जाएंगे, लेकिन कुछ नहीं मिला। मेयर ने कहा कि पार्षदों ने इसके लिए कमेटी गठित नहीं की। पार्षद उपासना के पति राजेश ने कहा कि अब 5 लाख नहीं, बल्कि 20 लाख रुपए की राशि पार्षदों को खर्च करने के लिए दी जाए।
आगे की स्लाइड्स पर क्लिक कर पढ़िए पूरी खबर...