रोहतक. कर्मचारियों की हड़ताल के दूसरे दिन हालात बेकाबू हो गए हैं। ग्रामीण इलाकों में ६० घंटे से तो कहीं 28 घंटे से बिजली नहीं है। इनवर्टर के साथ सब्र भी जवाब दे गया तो लोग सड़क पर आ गए। जिले में १० जगह जाम लगाया गया, लेकिन पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के पास कोई जवाब नहीं होने के कारण मायूस जनता को आश्वासन तक नहीं मिले।
गुस्साई भीड़ ने भालौठ में सुबह साढ़े ९ बजे
सोनीपत रोड पर जाम लगा दिया। डेढ़ बजे एसडीओ को बंधक बना लिया और मांगें मनवाने के बाद ही २ बजे छोड़ा। वहीं, मदीना में भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर दिया। सिर में ईंट लगने से महम थाना प्रभारी नरेंद्र पाल घायल हो गए। महम थाने के एक पुलिसकर्मी ने प्रभारी के फोन पर इसकी पुष्टि की है।
यहां असर बेहद कम
वहीं, जनप्रतिनिधि और अफसरों के इलाके में हड़ताल का असर कम दिखाई दे रहा है। ग्रीन रोड पर आंदोलनकारियों ने हड़ताल को और ज्यादा कारगर बनाने के लिए इस क्षेत्र पर फोकस रखा। 48 घंटे के भीतर तीन शिफ्टों में ग्रीन रोड की सप्लाई भी बाधित की, लेकिन तत्काल एक्शन के चलते बिजली ज्यादा देर तक गायब नहीं रह सकी।
ग्रीन रोड: मात्र 4 घंटे बिजली गुल
हड़ताल के पहले दिन ग्रीन रोड पर दोपहर 1 बजे और शाम 6 बजे फाल्ट किया गया। खुद निगम के एसई ने मौके पर खड़े होकर सप्लाई चालू कराई। बुधवार दोपहर में एक बार ब्रेक डाउन हुआ, जिसे एक घंटे में ठीक कर दिया गया। कुल 48 घंटे में यहां तीन बार फाल्ट हुआ और चार घंटे बिजली गुल रही।
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